तेलंगाना पुलिस की एलीट ड्रग लॉ एन्फोर्समेंट (EAGLE) टीम ने छत्तीसगढ़‑महाराष्ट्र सीमा के पास 385 किग्रा गांजा जब्त किया, साथ ही राजस्थान के 23 वर्षीय आरोपी को गिरफ़्तार किया। यह कार्रवाई नशे के अंतरराज्यीय तस्करी को रोकने के लिए कई सफल अभियानों में से एक है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- 385 किलोग्राम गांजा सफलतापूर्वक जब्त
- EAGLE ने पिछले वर्ष में लगभग 7,000 किग्रा गांजा जब्त किया
- राजस्थान के 23 वर्षीय महादेव भील को गिरफ्तार किया गया
तेलंगाना पुलिस के विशेष ड्रग लॉ एन्फोर्समेंट (EAGLE) बल ने एक संयुक्त ऑपरेशन में छत्तीसगढ़‑महाराष्ट्र सीमा के निकट स्थित बघनादी गांव में 385 किलोग्राम गांजा जब्त किया। यह कार्रवाई नशा नियंत्रण ब्यूरो (NCB) के सहयोग से की गई, जिससे नशे के पदार्थों को महाराष्ट्र और राजस्थान में प्रवेश करने से रोका गया।
ऑपरेशन की पृष्ठभूमि
सात दिनों की निरंतर निगरानी के बाद, एजेंटों ने ओडिशा के जेयपुर के निकट देओघाटी से कोलकाता‑मुंबई हाईवे पर स्थित बघनादी गाँव तक माल की आवाज़ को ट्रैक किया। इस दौरान, टीम ने माल को सुरक्षित रूप से रोककर जब्त किया, जिससे एक बड़े अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क को बाधित किया गया।
जारी कार्रवाई और गिरफ्तारियां
ऑपरेशन के दौरान, राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के 23 वर्षीय महादेव भील को अपराध में संलग्न पाया गया और उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह केस नशे के पदार्थों के परिवहन को रोकने में एक महत्वपूर्ण सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
EAGLE बल की पूर्व उपलब्धियां
पिछले वर्ष में, EAGLE बल ने लगभग 7,000 किलोग्राम गांजा जब्त करने का रिकॉर्ड स्थापित किया है। नशा नियंत्रण ब्यूरो (NCB) के साथ सहयोग में, उन्होंने रांची में नवंबर 2025 में 500 किलोग्राम गांजा और जून 2026 में ओडिशा के कोरापुट सदर पुलिस के साथ मिलकर अतिरिक्त 500 किलोग्राम गांजा बरामद किया। इन सभी सफलताओं ने राज्य को नशा तस्करी के प्रमुख ट्रांसिट मार्ग से बाहर रखने में मदद की है।
भविष्य की दिशा
ड्रग तस्करी के खिलाफ इस तरह के बहु‑राज्यीय सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि निरंतर सूचना‑साझा करने और तेज़ कार्यवाही से नशे के पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ना संभव है, जिससे सामाजिक सुरक्षा में सुधार होगा।