दिल्ली पुलिस ने ₹5 करोड़ की एक्सटॉर्शन‑मर्डर योजना को रोकने में सफलता पाई, तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया। ये आरोपी लॉरेन्स बिश्नोई गैंग से जुड़े माने जा रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय मोबाइल नंबरों व एन्क्रिप्टेड ऐप्स से अपराध की तैयारी कर रहे थे।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- 5 करोड़ की साजिश फँसी
- लॉरेन्स बिश्नोई गैंग से जुड़े 3 गिरफ्तार
- अंतरराष्ट्रीय मोबाइल नंबर और एन्क्रिप्टेड ऐप्स का प्रयोग
नई दिल्ली – राष्ट्रीय राजधानी में पुलिस ने एक जटिल एक्सटॉर्शन‑मर्डर साजिश को कुचल दिया, जिसमें 5 करोड़ रुपये की रकम की माँग की गई थी। इस घोटाले के पीछे लॉरेन्स बिश्नोई गैंग के साथ जुड़े तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से एक को 2024 में ग्रेटर कैलाश के जिम मालिक नादिर शाह की हत्या में भी शामिल बताया गया है।
साजिश का विस्तृत परिदृश्य
रिपोर्टों के अनुसार, इस साजिश की शुरुआत 8 मार्च को हुई, जब रोहिणी के एक व्यापारी ने लगातार व्हाट्सएप कॉल्स और संदेश प्राप्त किए, जिनमें विदेशी नंबरों से ₹1 करोड़ की माँग की गई और भुगतान न करने पर हत्या की धमकी दी गई। प्रारम्भिक कॉलर ने खुद को “रनदीप मलिक” बताया, जबकि 4 जुलाई को वह “हैरी बॉक्सर” के नाम से फिर से संपर्क में आया, साथ ही पीड़ित की संपत्ति की तस्वीरें और वीडियो भी भेजे।
पुलिस की विधि और कार्यवाही
रहस्योद्घाटन के दौरान, विशेष स्टाफ, रोहिणी जिला एवं ज़ोन‑I के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में, इंस्पेक्टर संदीप गोडारा और इंस्पेक्टर अमित कुमार की टीम ने तकनीकी सर्विलांस, मानव इंटेलिजेंस, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल फॉरेन्सिक्स का उपयोग किया। इस प्रक्रिया में तीन उन्नत हथियार, जिनमें 9 mm पिस्तौल और एक बरेटा शामिल था, 26 सक्रिय कारतूस, तथा एक हीरो डीलक्स मोटरसाइकिल बरामद की गई, जो रोहिणी के एक नाले के पास दफन थी।
गिरफ्तारों का प्रोफ़ाइल
गिरफ्तारों को शिव गोविंद, अभिनव (उपनाम आकाश सिंह) और विवेक के नाम से पहचाना गया। शिव गोविंद के मोबाइल में व्यापारियों के घरों व आभूषण की दुकानों की तस्वीरें तथा वीडियो मिले, जो सिग्नल और अन्य एन्क्रिप्टेड प्लेटफ़ॉर्म के जरिए हैंडलरों को भेजे जा रहे थे। अभिनव, जो पहले 2024 में नादिर शाह की हत्या केस में शामिल था, मई 2024 में जज की हिरासत से जारी हुआ और फिर से गैंग के वरिष्ठ सदस्यों से संपर्क स्थापित कर स्थानीय शूटरों की भर्ती करने लगा।
विदेशी कड़ी और भविष्य की संभावनाएँ
जांच में अनिल पंडित नामक एक व्यक्ति, जो संयुक्त राज्य अमेरिका में रहने का आरोप है, को अवैध हथियारों का सप्लायर बताया गया। पंडित को “हैरी बॉक्सर” द्वारा निर्देशित माना गया, जो लॉरेन्स बिश्नोई गैंग के विदेशी संचालन का प्रमुख है। पुलिस ने कहा कि यह स्थानीय मॉड्यूल रीकॉनैसेंस, हथियारों की सोर्सिंग और अंतिम हमले की योजना बनाने में लगा था, जबकि विदेशी कड़ी ने धमकी और लक्ष्य अनुमोदन किया।
जाँच अधिकारी शशांक जैनस्वाल ने कहा कि यह कार्रवाई एक बड़े नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में पहला कदम है, जिसमें स्थानीय शूटरों को विदेश में स्थित हैंडलरों से जोड़ने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। भविष्य में धन प्रवाह, हथियार सप्लाई चेन और संचार लिंक को ट्रेस करने के साथ अतिरिक्त गिरफ़्तारी की संभावना है।