सूरत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दो हफ्तों में दूसरी बार पायलट ने लेज़र प्रकाश से विचलन की सूचना दी। पुलिस ने कतरगाम में संभावित स्रोत की जाँच शुरू कर दी है, जबकि सुरक्षा विशेषज्ञ इस तरह की घटनाओं को गंभीर खतरा मानते हैं।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- सूरत हवाई अड्डे पर 15 दिनों में दो बार लेज़र बाधा की रिपोर्ट।
- संभावित स्रोत कतरगाम के निवासी और व्यावसायिक क्षेत्र में माना गया।
- लेज़र का लक्ष्य बनाना भारतीय हवाई नियमों के तहत आपराधिक अपराध है।
शनिवार, 11 जुलाई को रात 11 बजे, दिल्ली से सूरत के लिए उड़ान भर रहा एयर इंडिया एक्सप्रेस विमान 168 यात्रियों के साथ उतरते समय पायलट ने कॉकपिट में चमकते रंगीन लेज़र के कारण ध्यान भटकते हुए बताया। यह प्रकाश, जो आमतौर पर बड़े कॉन्सर्ट या सार्वजनिक समारोहों में इस्तेमाल होता है, ने विमान के फ्लाइट डेक को क्षणिक रूप से रोशन कर दिया।
पिछला समान घटना
यह घटना केवल दो हफ्तों में दूसरी बार हुई है। 27 जून को भी एक इंडिगो फ्लाइट के पायलट ने समान लेज़र बाधा की सूचना दी थी, जब वह सूरत एयरपोर्ट पर उतरने की तैयारी कर रहा था। उस बार भी स्रोत कतरगाम की ओर से आने वाला बताया गया था, जहाँ कई पार्टी और शादी समारोह होते रहते हैं।
कतरगाम में जांच
सूरत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निदेशक एस. सी. भालसे ने कहा कि अभी तक लेज़र के जिम्मेदार का पता नहीं चल पाया है, लेकिन स्थानीय पुलिस को सूचित कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने कतरगाम के खुले प्लॉट, शादी एवं पार्टी स्थल की सूची तैयार कर संभावित आयोजनों की जाँच कर रही है।
लेज़र का खतरा और कानूनी पहलू
आकाश में उच्च शक्ति वाले लेज़र, विशेषकर जब धुंध या धुंधलापन न हो, तो 10 किलोमीटर तक दिखाई दे सकते हैं। ऐसे प्रकाश का लक्ष्य बनाना पायलट के लिए अस्थायी अंधापन (फ्लैश ब्लाइंडनेस) का कारण बन सकता है, खासकर टेकऑफ़ और लैंडिंग जैसे महत्वपूर्ण चरणों में। भारत के DGCA ने 2023 में 144 लेज़र हस्तक्षेप मामलों की रिपोर्ट की है, जो इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है।
भविष्य की सुरक्षा उपाय
अधिकांश देशों में हवाई जहाज़ पर लेज़र निशाना बनाना आपराधिक अपराध माना जाता है, जिसमें जुर्माना और जेल दोनों की सजा लागू होती है। भारतीय अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि कतरगाम में जिम्मेदार पक्ष की पहचान होते ही कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि इस तरह की घटनाएँ दोबारा न दोहराई जाएँ।