बिलासपुर के सरकारी ज्यूवेनाइल ऑब्ज़र्वेशन होम में 2 बजे रात चार युवा अपराधियों ने वॉचमैन नरेंद्र कुमार खांदे की हत्या की और चोरी किए स्कूटर से फरार हो गए। पुलिस ने बताया कि हत्या पूर्व नियोजित थी और मामलों की जांच में कई प्रश्न उठे हैं।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • बिलासपुर के ज्यूवेनाइल होम में 40 वर्षीय वॉचमैन की हत्या हुई
  • हत्याकांड में 4 युवा (18‑20 वर्ष) ने स्कूटर चुराकर भागे
  • जांच में पता चला कि अपराध पूर्व नियोजित था और सुरक्षा उपाय कम थे

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सरकांदा क्षेत्र में स्थित सरकारी ज्यूवेनाइल ऑब्ज़र्वेशन होम में 14 जुलाई को रात 2 बजे एक चौंकाने वाला अपराध हुआ। 40 वर्षीय वॉचमैन नरेंद्र कुमार खांदे को चार युवा, जो मूल रूप से नाबालिग थे और अब 18‑20 वर्ष की उम्र में हैं, ने मार दिया और फिर चोरी किए गए दो स्टाफ़ स्कूटर से भाग गए।

घटना का विवरण

पुलिस के अनुसार, सभी चार आरोपी ने पहले खांदे के मुँह को कपड़े से गला दिया, फिर उसकी बाँहों और टांगों को बाँध कर उसे दम घोंट दिया। यह कदम तब उठाया गया जब अन्य कैदी सो रहे थे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि हत्या एक सामूहिक और पूर्व नियोजित योजना का हिस्सा थी। हत्या के बाद, आरोपियों ने दो स्टाफ़ के स्कूटर की चाबियाँ लेकर उन्हें बाहर निकाल लिया और साथ ही सीसीटीवी कैमरों का डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) भी ले गए।

ज्यूवेनाइल ऑब्ज़र्वेशन होम की पृष्ठभूमि

ज्यूवेनाइल ऑब्ज़र्वेशन होम उन नाबालिगों को अस्थायी रूप से रखने के लिये स्थापित किए जाते हैं, जिन्हें आपराधिक मामलों में गिरफ्तार किया गया है। भारतीय विधि के तहत, एक नाबालिग को 21 वर्ष की आयु तक इस प्रकार की संस्थाओं में रखा जा सकता है। यह मामले में आरोपी चारों को भी इसी नियम के तहत रखे जाने का उल्लेख किया गया है, हालांकि अब वे वयस्क हो चुके हैं।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

पुलिस ने कहा कि खांदे इस संस्थान के केवल एक वॉचमैन थे और वहाँ किसी अतिरिक्त सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था नहीं थी। यह सुरक्षा की गंभीर कमी इस प्रकार की घटनाओं को रोकने में बाधक सिद्ध हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि ज्यूवेनाइल होम में सुरक्षा कैमरों, कर्मियों की संख्या और आपराधिक प्रवृत्ति वाले कैदियों के लिए विशेष निगरानी प्रणाली का अभाव भविष्य में ऐसे मामलों को बढ़ा सकता है।

जाँच और आगे की कार्रवाई

बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राजनेश सिंह ने बताया कि तीन आरोपी रायगढ़ जिले के रहने वाले हैं और एक कोरबा जिले से है। हत्या के मामले में केस दर्ज किया गया है और पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिये विशेष टीमें तैनात कर दी हैं। साथ ही, इस घटना ने राज्य सरकार को ज्यूवेनाइल होम की सुरक्षा और प्रबंधन पर पुनर्विचार करने की मांग भी उठाई है।

जैसे ही अन्य स्टाफ़ सुबह 8 बजे जागे, उन्होंने यह खूनखराबा देखा और तुरंत पुलिस को सूचित किया। अब पुलिस की प्राथमिकता है कि वह भागे हुए चारों को जल्दी से जल्दी पकड़ ले और इस मामले की पूरी सच्चाई उजागर करे।