कोटा के सरकारी अस्पताल में सी-सेक्शन के बाद किडनी फेल होने वाली पांच माताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर न्याय और अंग प्रत्यारोपण की मांग की है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज में सी-सेक्शन के बाद पांच महिलाओं की किडनी खराब हो गई।
- महिलाओं ने नकली दवाओं के उपयोग और चिकित्सा लापरवाही का आरोप लगाया है।
- पीड़ितों ने राष्ट्रपति से आपातकालीन अंग प्रत्यारोपण या इच्छामृत्यु (Euthanasia) की अनुमति मांगी है।
- राजस्थान में मातृ मृत्यु दर में वृद्धि ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राजस्थान के कोटा से एक हृदयविदारक मामला सामने आया है, जहां पांच नवजात माताओं ने अपनी जीवन रक्षा के लिए देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक भावुक और हताश पत्र लिखा है। इन महिलाओं का आरोप है कि कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज में सी-सेक्शन (C-section) के दौरान चिकित्सा लापरवाही और कथित तौर पर नकली दवाओं के उपयोग के कारण उनकी किडनी पूरी तरह से विफल हो गई है।
व्यवस्था की विफलता और गहराता संकट
इन महिलाओं का कहना है कि वे पिछले कई महीनों से अस्पताल के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक (SSB) में भर्ती हैं और नियमित डायलिसिस पर निर्भर हैं। पीड़ित रागिनी मीणा ने बताया कि स्थानीय प्रशासन, सांसद और मुख्यमंत्री से गुहार लगाने के बावजूद उन्हें न तो उचित इलाज मिला और न ही कोई वित्तीय सहायता। डायलिसिस की दर्दनाक प्रक्रिया और ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहने के कारण उनका जीवन अब केवल एक यातना बन गया है।
मातृ मृत्यु दर और स्वास्थ्य ढांचे पर सवाल
यह मामला ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में मातृ मृत्यु की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। पिछले दो महीनों में कम से कम 18 महिलाओं की प्रसव संबंधी जटिलताओं के कारण मृत्यु हो चुकी है, जिनमें से पांच कोटा अस्पताल में ही हुई थीं। हाल ही में भी भीलवाड़ा और बांसवाड़ा में नौ माताओं की मौत ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की जर्जर स्थिति को उजागर कर दिया है।
चिकित्सा जटिलताओं का भयावह रूप
स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खिमसर ने इन मौतों पर सफाई देते हुए विभिन्न चिकित्सा कारणों का हवाला दिया है, जैसे कि HELLP सिंड्रोम, पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म और पोस्टपार्टम हेमरेज (PPH)। हालांकि, कोटा की इन पांच महिलाओं का मामला सीधे तौर पर अस्पताल की लापरवाही और दवाओं की गुणवत्ता से जुड़ा प्रतीत होता है, जिसने उनके जीवन को अंधकार में धकेल दिया है।