मैसूर के चामुंडी हिल्स पर आषाढ़ शुक्रवार के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शहरी विकास मंत्री यथेंद्र सिद्धारमैया ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वीआईपी दर्शन के बावजूद आम भक्तों को कोई असुविधा नहीं होगी।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- आषाढ़ शुक्रवार से चामुंडी हिल्स पर विशेष व्यवस्थाएं शुरू होंगी।
- वीआईपी दर्शन केवल सुबह 5:30 से 9:30 बजे तक ही मान्य होंगे।
- निजी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा; श्रद्धालुओं को केएसआरटीसी (KSRTC) बसों का उपयोग करना होगा।
- ₹300 के टिकट के स्थान पर अब ₹2,000 का प्रायोगिक दर्शन टिकट पेश किया गया है।
कर्नाटक के शहरी विकास मंत्री यथेंद्र सिद्धारमैया ने बुधवार को मैसूर स्थित प्रसिद्ध चामुंडी हिल्स का दौरा किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य 17 जुलाई से शुरू होने वाले 'आषाढ़ शुक्रवार' के दौरान होने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं के लिए सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों की समीक्षा करना था।
वीआईपी और आम श्रद्धालुओं के बीच संतुलन
मंत्री यथेंद्र ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता सामान्य भक्तों को सुगम दर्शन उपलब्ध कराना है। उन्होंने घोषणा की कि हालांकि वीआईपी दर्शन की व्यवस्था की गई है, लेकिन यह केवल सुबह 5:30 बजे से 9:30 बजे के बीच ही संभव होगा। यदि कोई वीआईपी निर्धारित समय के बाद पहुंचता है, तो उसे सामान्य कतार में ही शामिल होना होगा। उन्होंने यह भी कड़ा संदेश दिया कि प्रभावशाली व्यक्तियों के सिफारिश पत्रों (Recommendation Letters) के आधार पर किसी भी प्रकार का विशेष लाभ या प्राथमिकता नहीं दी जाएगी।
यातायात और पार्किंग व्यवस्था
भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। आषाढ़ शुक्रवार और वर्धंती उत्सव के दौरान चामुंडी हिल्स पर निजी वाहनों के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया गया है। केवल प्रोटोकॉल के हकदार मंत्रियों, विधायकों और न्यायाधीशों के वाहनों को ही अनुमति दी जाएगी। आम श्रद्धालुओं को अपने वाहन ललिता महल पैलेस ग्राउंड के निर्धारित पार्किंग क्षेत्र में खड़े करने होंगे, जहाँ से केएसआरटीसी (KSRTC) की मुफ्त बस सेवाएं उन्हें पहाड़ी तक पहुंचाएंगी।
दर्शन टिकटों में बदलाव और बुनियादी सुविधाएं
एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय के तहत, ₹300 वाले दर्शन टिकट को हटाकर अब ₹2,000 का प्रायोगिक टिकट पेश किया गया है। मंत्री ने इस बदलाव का तर्क देते हुए कहा कि ₹300 वाले टिकट की कतार भी सामान्य कतार जितनी ही लंबी होती थी, जिससे श्रद्धालुओं को कोई विशेष लाभ नहीं मिल रहा था। इसके अतिरिक्त, सीढ़ियों से चढ़ने वाले श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी, विश्राम स्थलों और मुफ्त बादाम दूध व बिस्कुट की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। इस निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस के उच्च अधिकारी भी उपस्थित रहे।