नोएडा के सेक्टर‑63 के छिजारसी इलाके में 11 KV हाईटेंशन लाइन का तार अचानक टूटकर गिरा, जिससे एक स्कूटी में आग लग गई और पाँच लोगों को गंभीर जलन लगी। सभी घायल को तुरंत अस्पताल भर्ती कराया गया, जबकि एक की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • छिजारसी में 11 KV हाईटेंशन तार का अचानक टूटना
  • एक स्कूटी में आग लगने से पाँच लोगों को जलन
  • घायलों में से एक की हालत गंभीर, विभागीय जाँच जारी

नोएडा के सेक्टर‑63 के छिजारसी इलाके में बुधवार शाम 11 KV हाईटेंशन बिजली लाइन का एक तार अचानक टूटकर सड़क पर गिरा। इस अचानक टूटने से पास से गुजर रहे पाँच व्यक्तियों को विद्युत शॉक लगा, जबकि उसी समय एक स्कूटी में भी आग लग गई। घटनास्थल पर पहुँचते ही स्थानीय पुलिस, एडीसीपी स्वतंत्र सिंह के नेतृत्व में, तुरंत घायलों को अस्पताल ले गई और दुर्घटना की पूरक जाँच शुरू कर दी।

घायलों की पहचान और स्थिति

घायल पाँच व्यक्तियों की पहचान निधि (15), प्रिया (17), मुकेश राम (38), पवित्र (41) और रवि चौधरी (45) के रूप में की गई है। उनमें से रवि चौधरी की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, जबकि बाकी चार की स्थिति स्थिर है। सभी को प्राथमिक उपचार के बाद शहर के प्रमुख अस्पताल में भर्ती किया गया।

बिजली विभाग की लापरवाही पर सवाल

घायलों ने तुरंत ही उत्तर प्रदेश विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नियमित रख‑रखाव और समय पर निरीक्षण न करने के कारण ही तार अचानक टूट सका। इस घटना से पहले ही उसी क्षेत्र में बारिश के दौरान बिजली के करंट लगने के कारण एक युवक की मौत भी हुई थी, जिससे विभागीय सुरक्षा मानकों पर पहले से ही सवाल उठे थे।

पिछले घटनाक्रम और नियामक पहल

भारत में हाईटेंशन लाइन की सुरक्षा को लेकर कई बार आलोचना का सामना करना पड़ा है। 2022‑2024 के बीच कई राज्यों में समान प्रकार की घटनाएँ दर्ज हुईं, जहाँ लापरवाही या अपर्याप्त रखरखाव के कारण नागरिकों को चोटें आईं। केंद्र सरकार ने 2023 में विद्युत सुरक्षा मानकों को कड़ाई से लागू करने का आदेश दिया था, लेकिन राज्य‑स्तरीय कार्यान्वयन में अंतर बना हुआ है।

जाँच की दिशा‑निर्देश

स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर औपचारिक जाँच शुरू कर दी है। साथ ही, उत्तर प्रदेश विद्युत विभाग को भी इस दुर्घटना की जाँच करने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि यदि कोई लापरवाही सिद्ध हुई, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए नियमित निरीक्षण, टॉवर की मजबूती की समीक्षा और सार्वजनिक जागरूकता अभियानों को तेज़ करने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।