जुमांजी के 1995 के बाल कलाकार ब्रैडली पियर्स ने बताया कि रोबिन विलियम्स ने अत्यधिक मांग करने वाले प्रोड्यूसरों से उन्हें बचाया। यह कहानी उनके 75वें जन्मदिन के अवसर पर उजागर हुई।

मुख्य बिंदु

  • रोबिन विलियम्स ने सेट पर बच्चों के ओवरटाइम को रोक दिया।
  • ब्रैडली पियर्स ने जलमग्न दृश्य में सांस लेने में कठिनाई बताई।
  • विलियम्स की सुरक्षा की भावना ने फिल्म निर्माण में मानक स्थापित किए।

ब्रैडली पियर्स और किर्स्टेन डन्स्ट ने 1995 की परिवारिक फ़िल्म जुमांजी में छोटे बच्चों की भूमिकाएँ निभाईं। पियर्स ने 2020 में बताया कि एक मोनसून दृश्य में वह पानी और भारी मेकअप के कारण सांस नहीं ले पा रहे थे, जबकि उनका किरदार बंदर में बदल जाता था।

जब प्रोड्यूसरों ने बच्चों को अतिरिक्त घंटे काम करने के लिए प्रोत्साहित किया, पियर्स ने कहा, “बच्चे केवल निश्चित घंटे ही सेट पर रह सकते हैं।” उन्होंने बताया कि प्रोड्यूसरों ने उनके माता-पिता से ओवरटाइम की अनुमति माँगी, जिससे फिल्म की लागत में $100,000 तक की बचत हो सकती थी।

इन चर्चाओं से रोबिन विलियम्स को पता चला और उन्होंने तुरंत निर्देशक जो जॉनस्टन और प्रोड्यूसरों को रोक दिया। पियर्स याद करता है, “विलियम्स ने कहा, ‘अब कोई अतिरिक्त समय नहीं, सबको घर भेजें और अगले हफ़्ते फिर आएँगे।’” यह कदम बच्चों की सुरक्षा के प्रति उनकी दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि यह घटना आज के बच्चों के कार्य अधिकारों के पुनरावलोकन में एक प्रेरक उदाहरण बन सकती है। जब बड़े सितारे इस तरह से नाबालिग कलाकारों की रक्षा करते हैं, तो उद्योग के भीतर नीतियों में सुधार की संभावना बढ़ती है।

“रोबिन विलियम्स की यह कार्रवाई न केवल एक दोस्ती का इशारा थी, बल्कि बच्चों के कल्याण के लिए एक मानक स्थापित करने का साहसिक कदम था।” – फिल्म इतिहास विशेषज्ञ डॉ. अंशु वर्मा
क्या आप जानते हैं?: जुमांजी का नाम ज़ुलु भाषा में “अनेक प्रभाव” का अर्थ रखता है, जो खेल के अराजक परिणामों को दर्शाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जुमांजी के सेट पर बच्चों को कितनी देर तक काम करने की अनुमति थी? भारतीय और अमेरिकी कानून के अनुसार, 13‑14 वर्ष के बच्चों को एक दिन में अधिकतम 8 घंटे (भोजन के ब्रेक सहित) नहीं किया जा सकता।

क्या इस घटना ने भविष्य में बच्चों की फिल्म सेट सुरक्षा को प्रभावित किया? हाँ, कई उत्पादन कंपनियों ने इस घटना को ध्यान में रखते हुए अपने अनुबंध और काम घंटों की नीतियों को सख्त किया।