आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि दिल्ली सरकार ने गरीबों के लिए सब्सिडी वाले चावल को एक निजी फर्म को दोगुनी कीमत पर बेचा। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इन दावों को पूरी तरह निराधार बताते हुए माफी की मांग की है।
मुख्य बिंदु
- AAP का आरोप: ₹23/किग्रा वाला चावल ₹46/किग्रा में निजी फर्म को बेचा गया।
- आरोप है कि प्रति सप्ताह ₹70-71 करोड़ का कमीशन कमाया गया।
- मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आरोपों को 'दुर्भावनापूर्ण' बताकर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
- मामले में एक अतिरिक्त आयुक्त को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
दिल्ली की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने रविवार को भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर गरीबों के लिए निर्धारित सब्सिडी वाले खाद्यान्न में एक बड़े "राइस स्कैम" (चावल घोटाले) को अंजाम देने का आरोप लगाया है। AAP दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दावा किया कि सरकार ने गरीबों के हक के चावल को निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किया है।
भारद्वाज के अनुसार, सिरसा के विभाग की सिफारिश पर भारतीय खाद्य निगम (FCI) हर हफ्ते 31,000 मीट्रिक टन चावल एक असम-आधारित निगम को रियायती दरों पर देने के लिए सहमत हुआ था। आरोप है कि इस अनाज को गरीबों में बांटने के बजाय हरियाणा की एक निजी कंपनी को बाजार भाव से दोगुनी कीमत पर बेच दिया गया। उन्होंने दावा किया कि ₹23 प्रति किलो की दर से खरीदे गए चावल को ₹46 प्रति किलो में बेचा गया, जिससे भारी कमीशन कमाया गया।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह मामला केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की अखंडता पर सवाल उठाता है। यदि ये आरोप सच साबित होते हैं, तो यह सीधे तौर पर समाज के सबसे कमजोर वर्ग के पोषण अधिकारों का उल्लंघन है। यह घटना दिखाती है कि कैसे प्रशासनिक स्तर पर 'अर्जेंट' टैग लगाकर नियमों को दरकिनार करने की कोशिश की जा सकती है।
"खाद्य सुरक्षा में किसी भी प्रकार की हेराफेरी न केवल वित्तीय अपराध है, बल्कि यह एक गंभीर मानवीय संकट को जन्म दे सकता है।"
इस मामले में प्रशासनिक कार्रवाई की बात करते हुए भारद्वाज ने कहा कि केंद्र के सतर्कता विभाग ने गड़बड़ी पकड़ी, जिसके बाद अतिरिक्त आयुक्त अरुण कुमार झा को निलंबित कर दिया गया। हालांकि, AAP का तर्क है कि झा को केवल एक 'बलि का बकरा' बनाया गया है, जबकि असली सूत्रधारों को बचाया जा रहा है।
| विवरण | सब्सिडी दर (दावा) | निजी बिक्री दर (दावा) | अनुमानित लाभ |
|---|---|---|---|
| प्रति किलोग्राम मूल्य | ₹23 | ₹46 | ₹23 प्रति किलो |
| साप्ताहिक मात्रा | 31,000 मीट्रिक टन | 31,000 मीट्रिक टन | ₹70-71 करोड़ |
दूसरी ओर, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यह AAP की पुरानी रणनीति है कि वे झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करें। उन्होंने सौरभ भारद्वाज और संजीव झा को 24 घंटे के भीतर माफी मांगने की चेतावनी दी है, अन्यथा वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
Frequently Asked Questions
1. AAP ने किस घोटाले का आरोप लगाया है?
AAP का आरोप है कि गरीबों के लिए सब्सिडी वाले चावल को एक निजी कंपनी को दोगुनी कीमत पर बेचकर करोड़ों का कमीशन कमाया गया।
2. मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की प्रतिक्रिया क्या है?
मंत्री ने इन आरोपों को झूठा और मानहानिकारक बताया है और संबंधित नेताओं से सार्वजनिक माफी की मांग की है।