तमिलनाडु में NEET परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर छात्र 10 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने इस आंदोलन को समर्थन दिया है, जबकि प्रदर्शनकारियों ने सरकार के समय मांगने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है।

मुख्य बिंदु

  • तमिलनाडु में एंटी-NEET फेडरेशन के सदस्य 10 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
  • CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने वीडियो कॉल के जरिए प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता जताई।
  • प्रदर्शनकारियों ने स्वास्थ्य मंत्री के 10 दिन के समय के अनुरोध को खारिज कर 2-3 दिन का अल्टीमेटम दिया है।
  • झारखंड में भी JMM-कांग्रेस गठबंधन सरकार के खिलाफ भर्ती परीक्षाओं में धांधली को लेकर भारी बवाल जारी है।

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में NEET (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) के विरोध में छात्रों का आक्रोश चरम पर है। एंटी-नीट फेडरेशन के नेतृत्व में चल रहा यह अनशन अब 10वें दिन में प्रवेश कर चुका है। इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस आंदोलन को अपना खुला समर्थन दिया है। उन्होंने वीडियो कॉल के माध्यम से प्रदर्शनकारियों से बात की और शिक्षा को राज्य सूची के अधीन लाने की मांग का पुरजोर समर्थन किया।

प्रदर्शन की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि तीन सदस्य पिछले 10 दिनों से बिना भोजन के अनशन पर बैठे हैं। एक अन्य सदस्य को स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। फेडरेशन की नेता एस. अनीता के भाई मणिरत्नम ने स्पष्ट किया कि जब तक नीट पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगता, यह संघर्ष जारी रहेगा।

Why This Matters (यह क्यों महत्वपूर्ण है)

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह केवल एक शैक्षिक मुद्दा नहीं बल्कि एक बड़ा राजनीतिक टकराव बनता जा रहा है। तमिलनाडु में सीएम विजय थलपति की सरकार को कांग्रेस का समर्थन प्राप्त है, जिससे केंद्र और राज्य के बीच का तनाव और बढ़ सकता है। यह पैटर्न झारखंड में भी देखा जा रहा है, जहां INDIA गठबंधन सरकार के खिलाफ छात्र सड़कों पर हैं, जो यह दर्शाता है कि युवाओं में व्यवस्था के प्रति गहरा असंतोष है।

"शिक्षा का केंद्रीकरण राज्यों की स्वायत्तता और स्थानीय छात्रों के अधिकारों पर प्रहार है, जिसे अब युवा बर्दाश्त नहीं कर रहे हैं।"

राज्य सरकार की ओर से स्वास्थ्य मंत्री के.जी. अरुणराज ने हस्तक्षेप करने की कोशिश की और विधानसभा में प्रस्ताव लाने के लिए 10 दिन का समय मांगा। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने इसे 'टालमटोल' करार देते हुए केवल 2-3 दिन का समय दिया है।

राज्य मुख्य मुद्दा सरकार का गठबंधन
तमिलनाडु NEET बैन की मांग विजय थलपति (कांग्रेस समर्थित)
झारखंड भर्ती परीक्षाओं (JPSC/JSSC) में सुधार हेमंत सोरेन (INDIA गठबंधन)
क्या आप जानते हैं?: तमिलनाडु भारत के उन गिने-चुने राज्यों में से एक है जो लंबे समय से NEET परीक्षा के कार्यान्वयन का विरोध कर रहा है, क्योंकि उनका मानना है कि यह राज्य स्तरीय कोटा सिस्टम को खत्म करता है।

Frequently Asked Questions

1. तमिलनाडु के छात्र NEET का विरोध क्यों कर रहे हैं?
छात्रों का मानना है कि NEET राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले वंचित छात्रों के अवसरों को कम करता है और शिक्षा के व्यवसायीकरण को बढ़ावा देता है।

2. झारखंड में छात्रों के विरोध का कारण क्या है?
झारखंड में छात्र JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जांच और परीक्षाओं को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।