पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम द्वारा खुद को 'दिमागी नक्सल' कहने पर देश में राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। बीजेपी ने इस बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए यूपीए शासनकाल के दौरान नक्सल हिंसा के आंकड़ों को सामने रखा है।

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मुख्य बातें

  • पी. चिदंबरम ने पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' शब्द का समर्थन करते हुए खुद को ऐसा बताया।
  • बीजेपी ने यूपीए सरकार के दौरान मारे गए 1,913 पुलिसकर्मियों और 5,019 नागरिकों का हवाला दिया।
  • विवाद का केंद्र पीएम मोदी का लाल किले से दिया गया भाषण और 'अर्बन नक्सल' की परिभाषा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में 'दिमागी नक्सल' शब्द का प्रयोग किया था। इस शब्द ने जल्द ही राजनीतिक गलियारों में तूफान खड़ा कर दिया जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर घोषणा की कि उन्हें 'दिमागी नक्सल' होने पर गर्व है।

इस बयान के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं ने चिदंबरम पर तीखा हमला बोला। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने आंकड़ों के जरिए यूपीए सरकार की आंतरिक सुरक्षा नीतियों की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि 2004 से 2014 के बीच नक्सलवाद चरम पर था और उस दौरान सुरक्षा बलों और आम नागरिकों को भारी जानमाल का नुकसान उठाना पड़ा।

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह विवाद केवल शब्दों की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह भारत की आंतरिक सुरक्षा रणनीति के दो अलग-अलग दृष्टिकोणों का टकराव है। एक तरफ जहां सरकार 'शून्य सहिष्णुता' (Zero Tolerance) की बात कर रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक विरोधियों को चुप कराने का एक तरीका बता रहा है। यह बहस इस बात को उजागर करती है कि कैसे 'नक्सलवाद' जैसे संवेदनशील मुद्दे चुनावी विमर्श का हिस्सा बन जाते हैं।

"जब एक पूर्व गृह मंत्री खुद को नक्सली विचारधारा से जोड़ता है, तो यह न केवल राजनीतिक विरोधाभास है, बल्कि उन सुरक्षा बलों के बलिदान का अपमान भी माना जा सकता है जिन्होंने उस विचारधारा से लड़ाई लड़ी।"

बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद और अन्य नेताओं ने चिदंबरम की टिप्पणी को 'गैर-जिम्मेदाराना' करार दिया। वहीं, कुछ पत्रकारों और सलाहकारों ने याद दिलाया कि 2010 के आसपास चिदंबरम स्वयं नक्सल विरोधी रणनीतियों के प्रणेता थे, जिससे उनके वर्तमान रुख पर सवाल उठ रहे हैं।

बिंदु यूपीए कार्यकाल (बीजेपी का दावा) वर्तमान सरकार (बीजेपी का दावा)
सुरक्षा बल हताहत 1,913 पुलिस/CRPF जवान नक्सल कमांडरों का सफाया
नागरिक हताहत 5,019 से अधिक मौतें आदिवासियों का मुख्यधारा में समावेश
प्रभावित क्षेत्र 182 जिले हिंसा की चपेट में प्रभावित जिलों में भारी कमी
क्या आप जानते हैं?: 'अर्बन नक्सल' शब्द का प्रयोग हाल के वर्षों में उन बुद्धिजीवियों और कार्यकर्ताओं के लिए किया जाने लगा है जिन पर सरकार नक्सली विचारधारा को शहरों में फैलाने का आरोप लगाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. 'दिमागी नक्सल' शब्द का प्रयोग किसने शुरू किया?
पीएम मोदी ने 15 अगस्त के भाषण में इसका प्रयोग किया, जिसके बाद चिदंबरम ने इसे अपने लिए स्वीकार किया।

2. बीजेपी ने चिदंबरम पर क्या आरोप लगाए हैं?
बीजेपी का आरोप है कि चिदंबरम के गृह मंत्री रहने के दौरान नक्सलवाद को फलने-फूलने का मौका मिला और सुरक्षा व्यवस्था कमजोर रही।