परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इथेनॉल उत्पादन में अपनी 0.07% हिस्सेदारी का हवाला देते हुए निजी हितों के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने नीति के लाभ, परीक्षण प्रक्रिया और अंतरराष्ट्रीय उदाहरणों का विस्तृत उल्लेख किया।

नई दिल्ली (08 जुलाई 2026) – इथेनॉल ब्लेंडिंग नीति को लेकर उठे सवालों पर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इंडिया टुडे टीवी को दी गई एक्सक्लूसिव बातचीत में स्पष्ट जवाब दिया। गडकरी ने कहा कि उनके परिवार का चीनी व्यापार सरकार की इथेनॉल नीति से कई साल पहले स्थापित था और इथेनॉल उत्पादन में उनका शेयर केवल 0.07 प्रतिशत है, जिससे कोई आर्थिक लाभ संभव नहीं है।

निजी हितों के आरोपों का खंडन

गडकरी ने कहा कि इथेनॉल ब्लेंडिंग से जुड़े निजी हितों के आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। उन्होंने इसे "साजिश" कहा और चुनौती दी कि यदि कोई पेट्रोल वाहन E20 ईंधन से क्षतिग्रस्त हुआ है, तो वह ठोस सबूत प्रस्तुत करे। उन्होंने यह भी बताया कि मारुति सुजुकी, टोयोटा, टाटा मोटर्स और महिंद्रा जैसी प्रमुख ऑटो कंपनियों ने अब तक E20 से कोई शिकायत नहीं की है।

नीति निर्माण की प्रक्रिया

गडकरी ने बताया कि इथेनॉल ब्लेंडिंग नीति किसी एक व्यक्ति के एकतरफा निर्णय से नहीं, बल्कि पेट्रोलियम मंत्रालय, केंद्रीय मंत्रिमंडल और वैज्ञानिक संस्थानों के विस्तृत विमर्श के बाद तैयार की गई थी। इस योजना का प्रमुख उद्देश्य पेट्रोल पर निर्भरता घटाना, कच्चे तेल के आयात में कमी लाना और पर्यावरणीय प्रदूषण को कम करना है। साथ ही, गन्ने की फसल से आय उत्पन्न करने वाले किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत प्रदान करना भी इस नीति का मुख्य लक्ष्य है।

अंतरराष्ट्रीय संदर्भ और परीक्षण मानक

गडकरी ने कहा कि अमेरिका, ब्राज़ील, जापान, जर्मनी, थाईलैंड और स्वीडन जैसे कई देशों में इथेनॉल मिश्रित ईंधन का सफलतापूर्वक प्रयोग हो रहा है। वह यह भी स्पष्ट कर चुके हैं कि E20 ईंधन को बाजार में लाने से पहले चार साल तक कठोर परीक्षण किया जाता है, जिसमें लाखों किलोमीटर की ड्राइविंग शामिल होती है। इसलिए, इस ईंधन को लेकर किसी भी प्रकार की तकनीकी कमी का दावा बिना ठोस प्रमाण के निरर्थक है।

भविष्य की दिशा

गडकरी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सरकार साफ़ ईंधन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर काम कर रही है और इथेनॉल ब्लेंडिंग इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी हितधारकों से आग्रह किया कि वे नीति के दीर्घकालिक लाभ को समझें और अनावश्यक विरोध को रोकें।