मिसूर जिले में विशेष तीव्र पुनरीक्षण (SIR‑2026) के तहत 23,49,006 मतदाताओं को फॉर्म वितरित कर 83.90% कवरेज हासिल किया गया। 927 मतदान केंद्रों ने पूर्ण वितरण पूरा किया, जबकि 4,327 मतदाता ‘ASDDO’ श्रेणी में पाये गए।
मिसूर जिले की चुनावी पंजीकरण सूची का विशेष तीव्र पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR‑2026) आज तक 83.90% की उल्लेखनीय प्रगति पर है। 23,49,006 मतदाता फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं, जो जिले के कुल 27,99,693 मतदाताओं का हिस्सा है। यह आंकड़ा न केवल प्रशासनिक दक्षता का प्रतीक है, बल्कि मतदाता सहभागिता के बढ़ते महत्व को भी दर्शाता है।
वितरण की स्थिति और डिजिटल पहल
सभी 2,915 मतदान केंद्रों में से 927 केंद्रों ने पूर्ण रूप से फॉर्म वितरण पूरा कर लिया है, जो 31.80% के बराबर है। इसके अलावा 726 केंद्रों ने 90% से अधिक कवरेज हासिल कर लिया है। 11,419 मतदाताओं ने ऑनलाइन फॉर्म जमा कर दिए हैं, जबकि 1,13,643 वितरित फॉर्म पहले ही डिजिटल रूप में परिवर्तित हो चुके हैं। विशेषकर पेरियापतना, हंसूर, एच.डी. कोटे और वारुणा में कंप्यूटरीकृत फॉर्म की संख्या सबसे अधिक है।
प्रमुख निर्वाचन क्षेत्र और उनकी प्रगति
पेरियापतना में 1,94,998 फॉर्म 1,99,706 मतदाताओं में वितरित हुए, जो सबसे ऊँची कवरेज दिखाता है। उसके बाद हंसूर (2,46,013/2,53,248), एच.डी. कोटे (2,21,159/2,34,521), वारुणा (2,26,474/2,42,363) और नानजंगुड (2,09,745/2,23,279) जैसे क्षेत्र भी उल्लेखनीय प्रगति पर हैं।
समीक्षा और विसंगतियाँ
दरवाज़े-से-दरवाज़े जाँच के दौरान, बूथ स्तर अधिकारी (BLOs) ने 4,327 ‘ASDDO’ श्रेणी के मतदाताओं की पहचान की, जिनमें 2,873 अनुपस्थित, 1,033 स्थायी रूप से स्थानांतरित, 362 मृत, 51 डुप्लिकेट रजिस्ट्रेशन और 8 अन्य विसंगतियाँ शामिल हैं। इन आंकड़ों को सुधारने के लिए तत्काल कदम उठाए जा रहे हैं।
भविष्य की दिशा और चुनौतियाँ
चुनावी पंजीकरण में इस तरह की प्रगति चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को बढ़ाती है। लेकिन अभी भी 16.10% मतदाताओं के फॉर्म बकाया हैं, और 4,327 ‘ASDDO’ मामलों को सुलझाना आवश्यक है। डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर ऑनलाइन जमा और डेटा एंट्री को तेज करना इस चुनौती को पार करने का मुख्य माध्यम बनेगा।
इस प्रयास से यह स्पष्ट होता है कि मिसूर के चुनावी विभाग ने आधुनिक तकनीक और नागरिक भागीदारी को एक साथ जोड़ कर चुनावी पंजीकरण को समयबद्ध और सटीक बनाया है। यह मॉडल अन्य जिलों के लिए भी एक मानक बन सकता है।