कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार को घेरा है और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है।
नई दिल्ली: नीट (NEET) परीक्षा में पेपर लीक के गंभीर मामले ने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते।
छात्रों का आक्रोश और हैदराबाद का प्रदर्शन
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर छात्रों के प्रदर्शन का एक वीडियो साझा किया, जिसमें हैदराबाद के छात्र सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज करा रहे थे। प्रदर्शनकारी छात्र न केवल पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठा रहे थे, बल्कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। राहुल गांधी ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जब 22 लाख बच्चों का भविष्य दांव पर लगा हो, तो सरकार जवाब देने के बजाय जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है।
सिस्टम में सुधार की मांग
विपक्ष का मुख्य तर्क यह है कि वर्तमान परीक्षा प्रणाली, विशेष रूप से NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी), की कार्यप्रणाली में गंभीर खामियां हैं। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि केवल इस्तीफे से काम नहीं चलेगा, बल्कि सरकार को एक ऐसी 'फूलप्रूफ' (foolproof) प्रणाली विकसित करनी होगी जो भविष्य में इस तरह की धांधली को रोकने में सक्षम हो। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों युवाओं का भविष्य अंधकार में है और सरकार की चुप्पी इस संकट को और गहरा कर रही है।
राजनीतिक घमासान और भविष्य की राह
इस मामले में केवल कांग्रेस ही नहीं, बल्कि CPI(M) जैसे अन्य विपक्षी दल भी शामिल हो गए हैं। वामपंथी दलों ने भी NTA को तत्काल भंग करने और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। यह विवाद अब केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह देश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता और सरकार की जवाबदेही पर एक बड़ा राजनीतिक प्रश्न बन गया है।