तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने करुर में पहली बार स्टैम्पेड के बाद आधिकारिक यात्रा की, जहाँ उन्होंने पीड़ित परिवारों को नियुक्ति पत्रों की वितरण और 1,700 करोड़ रुपये के फुटवियर कारखाने का आधारशिला रखी। इस कदम से पुनर्वास और रोजगार सृजन दोनों को साथ लेकर राजनीतिक संतुलन बनाना उनका लक्ष्य है।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और टी.वी.के. अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार को करुर जिला का दौरा किया, जो 27 सितंबर 2025 को उनके चुनावी रैलियों के दौरान हुए घातक स्टैम्पेड के बाद पहली बार था। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दो‑तीन पहलुओं को जोड़ना था: पीड़ित परिवारों को सरकारी नौकरी के माध्यम से पुनर्वास प्रदान करना और राज्य के औद्योगिक विकास को तेज करना।

पीड़ित परिवारों को नियुक्ति पत्र

विजय ने 41 शोकग्रस्त परिवारों में से प्रत्येक के एक योग्य सदस्य को सरकारी नियुक्ति पत्र सौंपे। प्रारम्भिक पात्रता जांच के बाद 32 पदों को मंजूरी मिल चुकी है, जबकि शेष पदों की प्रक्रिया जारी है। यह कदम टी.वी.के. सरकार की ‘सहानुभूति पर आधारित’ रोजगार नीति का प्रत्यक्ष प्रमाण है, जिससे प्रभावित परिवारों को आर्थिक स्थिरता मिलने की उम्मीद है।

1,700 करोड़ रुपये का फुटवियर प्रोजेक्ट

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने करुर में 1,700 करोड़ रुपये मूल्य का फुटवियर निर्माण कारखाना स्थापित करने की आधारशिला रखी। इस परियोजना से लगभग 13,500 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है, जिससे जिले की औद्योगिक क्षमताएँ और युवा रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा। राज्य सरकार ने इस निवेश को ‘भौगोलिक संतुलन’ और ‘स्थानीय आर्थिक सशक्तिकरण’ के प्रमुख स्तम्भ के रूप में प्रस्तुत किया है।

स्टैम्पेड की पृष्ठभूमि और राजनीतिक प्रभाव

2025 के सितंबर में करुर के वेलुसाम्यपुरम में हुए रैली में भीड़भाड़ के कारण 41 लोगों की मौत और 100 से अधिक लोगों को चोटें आईं। इस घटना की जांच सी.बी.आई. द्वारा चल रही है, लेकिन चुनावी परिणाम पर इसका सीधा असर नहीं पड़ा। फिर भी, सार्वजनिक बहस में भीड़ नियंत्रण, प्रशासनिक तैयारी और राजनेताओं की जिम्मेदारी को लेकर तीखा विमर्श हुआ।

आलोचना, न्यायिक चुनौती और सुरक्षा प्रबंध

विजय की इस यात्रा को लेकर विपक्षी दलों ने दो मुख्य बिंदुओं पर सवाल उठाए: स्टैम्पेड के तुरंत बाद करुर न जाकर चेंनाई में होटल में परिवारों से मिलने की आलोचना और नियुक्ति पैकेज की वैधता पर न्यायिक चुनौती। मद्रास हाई कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि सरकारी नौकरी को आपदा के बाद का मुआवजा मानना नियमों के विरुद्ध है। साथ ही, 5,000 से अधिक पुलिस बल, क्यूआर कोड आधारित प्रवेश पास और आपातकालीन मेडिकल टीमों के साथ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई।

आगामी उपचुनाव और राजनीतिक गणना

करुर विधानसभा सीट में पूर्व एआईएडिएमके मंत्री एम.आर. विजयभास्कर के इस्तीफे के बाद अब उपचुनाव का सवाल मंडरा रहा है। इस संदर्भ में विजय की यात्रा को राजनीतिक गणना के रूप में भी देखा जा रहा है, जहाँ विकास के प्रतीकात्मक कदमों के साथ पुनर्वास को जोड़कर मतदाता आधार को सुदृढ़ किया जा रहा है।

समग्र रूप से, यह यात्रा तमिलनाडु सरकार के दोहरी रणनीति — सामाजिक पुनर्वास और आर्थिक विकास — को एक मंच पर लाने का प्रयास है, जबकि राजनीतिक प्रतिपक्ष के प्रश्नों का सामना भी कर रही है।