दिल्ली के 16 इंदिराप्रस्थ विकास पार्टी (IVP) काउंसिलर ने भाजपा में सम्मिलित होने का निर्णय लिया है, जिससे नगरपालिका में भाजपा की संख्या 139 तक पहुँच गई है। यह कदम आगामी वार्ड समिति चुनाव और 2027 के नगर निगम चुनाव से ठीक पहले आया है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • IVP के सभी 16 काउंसिलर भाजपा में शामिल हुए
  • एमसीडी में भाजपा की सीटें 139 तक बढ़ी
  • यह कदम अगले साल के नगरपालिका चुनाव के ठीक पहले आया

दिल्ली के 250-सदस्यीय नगर निगम (एमसीडी) में भाजपा ने अपने प्रतिनिधित्व को 139 तक बढ़ा लिया है, क्योंकि इंदिराप्रस्थ विकास पार्टी (IVP) के 16 काउंसिलर ने आधिकारिक तौर पर पार्टी में शामिल हो गए। इस परिवर्तन को दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा की उपस्थिति में भाजपा मुख्यालय में औपचारिक रूप से किया गया।

पार्टी के प्रमुख बयानों का विश्लेषण

मुख्य मंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह कदम "शहर के विकास के लिये एक सकारात्मक संकेत" है और "वार्ड स्तर पर विकास कार्य को तेज़ करेगा"। उन्होंने यह भी कहा कि "दिल्ली की प्रगति भाजपा सरकार की प्राथमिकता है" और इस मिलन से नगरपालिका के काम में गति आएगी। भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने बताया कि IVP लगभग डेढ़ साल पहले मुकेश गोयल और हेेमचंद गोयल द्वारा स्थापित किया गया था, क्योंकि उन्होंने AAP के शासकीय प्रशासन में विकास की कमी देखी थी।

IVP पक्ष की स्थिति

IVP के अध्यक्ष मुकेश गोयल ने पीटीआई को बताया कि काउंसिलरों ने इस हफ़्ते के भीतर किए गए चर्चा के बाद भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि "भाजपा के काम को एक साल-आधा देख कर हमें लगा कि ruling party में शामिल होने से हमारे वार्ड में विकास तेज़ होगा"। गोयल ने यह स्पष्ट किया कि कोई प्रतिफल या पद का सौदा नहीं हुआ है; "जो भी भूमिका हमें दी जाएगी, हम पूरी निष्ठा से निभाएंगे"।

स्थापना से लेकर आज तक

IVP का गठन मई 2025 में हुआ था, जब 16 AAP काउंसिलरों ने AAP नेतृत्व से असहमति व्यक्त कर पार्टी से अलग हो कर नई फ्रेंचाइज़ी बनाई। इस कदम का मुख्य कारण विकास कार्यों में असंतोष था, जिसे उन्होंने "विकास की कमी" कहा। अब यह समूह भाजपा में मिलकर नगरपालिका में अपनी ताकत को बढ़ा रहा है, जबकि AAP की सीटें 123 तक गिर गई हैं।

भविष्य की राजनीति और संभावित परिणाम

यह मिलन MCD के आगामी वार्ड समिति चुनाव और 2027 के नगर निगम चुनाव से ठीक पहले आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा की बढ़ती शक्ति से वार्ड स्तर पर विकास कार्यों में तेज़ी आ सकती है, लेकिन साथ ही यह विपक्षी दलों के लिए चुनौती भी पेश करता है। वरिष्ठ IVP नेता मुकेश गोयल को संभवतः एक विशेष समिति की अध्यक्षता या हेेमचंद गोयल को सेंट्रल ज़ोन की स्टैंडिंग कमेटी में सदस्यता मिलने की संभावना है, पर अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।