महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने कहा कि एएआईबी ने प्रारंभिक रिपोर्ट प्राप्त कर ली है और काली बॉक्स से डिजिटल साक्ष्य निकाल लिया है। अंतिम रिपोर्ट जनवरी 2027 तक आने की उम्मीद है, जिसके बाद ही सरकार कोई कदम उठाएगी।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • AAIB की अंतिम रिपोर्ट जनवरी 2027 में जारी होगी
  • प्रारंभिक रिपोर्ट में काली बॉक्स से डिजिटल साक्ष्य प्राप्त हुए
  • सरकार अंतिम निष्कर्ष मिलने पर ही कोई फैसला लेगी

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने शुक्रवार (10 जुलाई 2026) को विधानसभा में कहा कि एयरक्राफ्ट अक्यूज इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) अजित पवार की विमान दुर्घटना पर अपनी अंतिम रिपोर्ट अगले साल जनवरी में पेश करेगा। पवार, जो उस समय उपमुख्यमंत्री थे, और चार अन्य लोग 28 जनवरी को बरामती हवाई अड्डे के पास लीयर्जेट 45 के दोबारा उतरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे।

विमान दुर्घटना का पृष्ठभूमि

दुर्घटना के बाद तुरंत ही AAIB ने जांच शुरू की। लीयर्जेट 45, जो निजी उपयोग के लिए लोकप्रिय जेट है, में दो पायलट, एक व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी, एक अटेंडेंट और उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित कुल पाँच लोग मारे गये। दुर्घटना के कारणों को समझने के लिए काली बॉक्स, रैडार डेटा, और विमान के संचार रिकॉर्ड को पुनः संयोजित किया गया।

AAIB की जांच की प्रगति

फडनवीस ने बताया कि प्रारंभिक रिपोर्ट पहले ही प्राप्त हो चुकी है और जांचकर्ताओं ने काली बॉक्स से डिजिटल साक्ष्य निकाल लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि जांच वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसमें कई चरण होते हैं और अक्सर कई साल लगते हैं। इस बीच, वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक खाते, बीमा पॉलिसी और शेयर बाजार लेन‑देन की जांच में अभी तक कोई अनियमितता नहीं मिली है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और मांगें

विपक्ष, विशेषकर राष्ट्रीय जनता पार्टी (एसपी) के विधायक रोहित पवार, ने कई विशेषज्ञ एजेंसियों को इस मामले की गहरी जांच करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कुछ अनियमितताओं की संभावना है और जनता को स्पष्ट उत्तर मिलने चाहिए। फडनवीस ने स्पष्ट किया कि सरकार AAIB की अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद ही कोई कार्रवाई करेगी, जिससे प्रक्रिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता बनी रहे।

भविष्य की दिशा और संभावित प्रभाव

यदि अंतिम रिपोर्ट में तकनीकी खराबी या मानव त्रुटि सिद्ध होती है, तो यह भारतीय नागरिक विमानन सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण सीख हो सकती है। वहीं, यदि कोई संभावित कुप्रबंधन या सुरक्षा चूक सामने आती है, तो यह राज्य स्तर पर प्रशासनिक सुधारों की आवश्यकता को रेखांकित करेगा। इस प्रकार, AAIB की अंतिम रिपोर्ट न केवल पवार परिवार के लिए, बल्कि पूरे भारतीय विमानन उद्योग के लिए निर्णायक होगी।