थिरुवनंतपुरम के सीपीआई(एम) जिला सचिव वी. जॉय ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के भीतर फाँक‑फूट की खबरों को झूठ ठहराया। उन्होंने कहा, ये झूठी खबरें कुछ समूहों द्वारा पार्टी को कमजोर करने और विजिन्ज़ाम विरोध से ध्यान हटाने के लिये फैलाई जा रही हैं।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • सीपीआई(एम) थिरुवनंतपुरम के नेताओं ने फाँक‑फूट की अफवाहों को खारिज किया।
  • विजिन्ज़ाम में अडानी के 49% शेयर बेचने के विरोध में प्रदर्शन जारी है।
  • विरोधी‑कम्युनिस्ट मीडिया को झूठी खबरें फैलाने का आरोप लगाया गया।

सीपीआई(एम) थिरुवनंतपुरम जिला नेतृत्व ने शुक्रवार (10 जुलाई 2026) को एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के भीतर कोई आंतरिक मतभेद या फाँक‑फूट नहीं होने की पुष्टि की। जिला सचिव वी. जॉय ने कहा, “कुछ सेक्शन के लोग पार्टी को नष्ट करने और जनता का ध्यान विजिन्ज़ाम विरोध से हटाने के लिये झूठी कहानियाँ फैला रहे हैं।”

विजिन्ज़ाम स्टेक ट्रांसफ़र विरोध की पृष्ठभूमि

अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड ने अपने 49% शेयर स्विट्ज़रलैंड‑आधारित MSC ग्रुप को बेचने की योजना बताई, जिससे राजनीतिक तनाव उत्पन्न हुआ। केरल में सीपीआई(एम) ने इस कदम को “देश की रणनीतिक संपदा के प्रति धोखा” कहा और कई प्रदर्शन आयोजित किए। इस संदर्भ में, पूर्व शिक्षा मंत्री वी. शिवंकुट्टी की अनुपस्थिति को लेकर अटकलें लगाई गईं, लेकिन उन्होंने जॉय के साथ मिलकर इन अटकलों को खारिज कर दिया।

मीडिया और मेयर के आरोपों पर प्रतिक्रिया

शिवंकुट्टी ने कहा, “एंटी‑कम्युनिस्ट मीडिया ने इस तरह की प्रोपेगैंडा को बड़े समाचार बना दिया है, जबकि वास्तविकता में पार्टी के भीतर कोई फाँक‑फूट नहीं है।” उन्होंने थिरुवनंतपुरम मेयर वी.वी. राजेश के इस आरोप को भी खारिज किया कि सीपीआई(एम) नेता शहर भर में कचरा फेंक रहे हैं ताकि भाजपा‑संचालित प्रशासन को बदनाम किया जा सके।

जिला अस्पताल में हुई घटना पर टिप्पणी

कडाकमप्पली सुरेंद्रन ने नेय्याटिंकारा जिला अस्पताल में एक मरीज के कतार में खड़े रहने के कारण गिरकर मृत्यु हो जाने की घटना को “शॉकिंग” कहा। उन्होंने कहा, “प्राधिकरण इसे सुरक्षा कर्मियों की जिम्मेदारी बना कर खुद को साफ नहीं कर सकते। स्वास्थ्य मंत्री को भी इस मामले में जवाबदेह ठहराना चाहिए।” यह टिप्पणी स्वास्थ्य प्रशासन में पारदर्शिता की मांग को उजागर करती है।

भविष्य की संभावनाएँ और राजनीतिक प्रभाव

इन सभी बयानों के बीच, सीपीआई(एम) की एकता का संदेश केरल की आगामी विधानसभा चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यदि पार्टी के भीतर वास्तविक असहमति नहीं है, तो यह विरोधी समूहों की रणनीति को कमजोर कर देगा, जो अक्सर विभाजन के माध्यम से सत्ता में बदलाव लाने की कोशिश करते हैं। इस प्रकार, जॉय और शिवंकुट्टी के स्पष्ट बयान केरल की राजनीति में स्थिरता और संगठित विरोध को दर्शाते हैं।