महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने कहा कि इस साल के तीव्र गर्मी ने घरों में बिजली की खपत को बढ़ा दिया, जिससे कई उपभोक्ताओं को उच्च टैरिफ स्लैब में स्थानांतरित होना पड़ा। महावितरन के अध्ययन से पता चलता है कि पिछले दो वर्षों में उपयोग में 40‑60% की वृद्धि हुई है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • गर्मियों में बिजली की खपत में 50‑60% वृद्धि.
  • 300 यूनिट सीमा पार करने पर किराया दोगुना.
  • महावितरन ने 2025‑2026 के डेटा से खर्च में उछाल दिखाया.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा में कहा कि इस महीने के तीव्र गर्मी के कारण घरेलू बिजली खपत में अभूतपूर्व उछाल आया है, जिससे कई परिवार उच्च टैरिफ स्लैब में धकेले जा रहे हैं। उन्होंने ठाणे, कल्याण, बड़ला पुर, अंबरनाथ आदि शहरों में बढ़ती बिलों की कई शिकायतें प्राप्त कीं।

महावितरन के अध्ययन के आंकड़े

राज्य विद्युत बोर्ड (महावितरन) ने मई 2025 और मई 2026 के तापमान व बिजली उपयोग की तुलना की। एक कमरे वाले फ्लैट में औसत उपयोग 270 यूनिट से बढ़कर 415 यूनिट हो गया, जिससे बिल ₹2,500 से ₹4,000 तक बढ़ा। दो कमरे वाले फ्लैट में उपयोग 425 यूनिट से 655 यूनिट तक जा पहुँचा, जिससे बिल ₹4,500 से ₹8,000 तक बढ़ा। यह वृद्धि मुख्यतः एसी, फैन और रेफ्रिजरेटर के लगातार उपयोग के कारण हुई।

टैरिफ स्लैब प्रणाली की भूमिका

महाराष्ट्र में घरेलू उपयोगकर्ता 100 यूनिट तक के लिए सब्सिडी वाले दरें प्राप्त करते हैं, जबकि 300 यूनिट तक के उपयोग पर भी कुछ रियायतें मिलती हैं। लेकिन 300 यूनिट से अधिक खपत करने वाले घरों पर दरें लगभग दोगुनी हो जाती हैं, जिससे बिल में अचानक उछाल देखी गई। यह स्लैब‑आधारित मूल्य निर्धारण प्रणाली बिजली की कीमत में पारदर्शिता प्रदान करती है, परंतु अत्यधिक गर्मी के मौसम में इसका असर अधिक स्पष्ट होता है।

तापमान में वृद्धि और वर्षा का अभाव

पिछले वर्ष मई में औसत तापमान 38.3°C था, जबकि इस वर्ष वह 43°C तक पहुँच गया। ठाणे में पिछले मई में 200 mm बारिश हुई थी, जिससे ठंडक मिली और एसी व फैन के उपयोग में कमी आई। इस साल कोई ऐसी वर्षा नहीं हुई, जिससे घरों में शीतलन उपकरणों का निरंतर उपयोग बढ़ा। परिणामस्वरूप, बिजली की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

आगे का रास्ता

विशेषज्ञों का कहना है कि दीर्घकालिक समाधान के लिए ऊर्जा दक्षता उपायों को प्रोत्साहित करना आवश्यक है—जैसे एसी की ऊर्जा रेटिंग बढ़ाना, सौर ऊर्जा का उपयोग, और स्मार्ट मीटरिंग। साथ ही, महावितरन को रियल‑टाइम डेटा के आधार पर त्वरित राहत प्रदान करनी चाहिए, ताकि उपभोक्ता अत्यधिक बिलों से बच सकें।