स्रिंगेरी में नई बनायी़ गयी retaining wall में दरारें उत्पन्न होने के कारण तालुका प्रशासन ने 15 घरों और कई दुकानों के निवासियों को सरकारी हॉस्टल में स्थानांतरित किया। विशेषज्ञों की जांच चल रही है, जबकि राजनीतिक विवाद भी तेज़ हो गया है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- स्रिंगेरी में 58 मीटर लंबी retaining wall में दरारें पाई गईं
- 15 घर, 4 दुकानें और एक लॉज को जोखिम के कारण खाली कराया गया
- पंचायती राज विभाग के तहत निर्माण जारी, विशेषज्ञों की रिपोर्ट का इंतजार
शिवमोगा, 11 जुलाई 2026 – स्रिंगेरी तालुका के गोरिगुड्डा क्षेत्र में हाल ही में निर्मित 58 मीटर लंबी, 14 मीटर ऊँची L‑आकार की retaining wall में गंभीर दरारें उभर आईं। भारी वर्षा के साथ ये दरारें व्यापक होती दिखीं, जिससे निकटवर्ती 15 परिवारों, चार व्यावसायिक इकाइयों और एक लॉज के निवासियों को तत्काल सुरक्षित स्थानांतरित करने का आदेश दिया गया।
पृष्ठभूमि और निर्माण का इतिहास
2023 की तेज़ बरसात में एक बड़े landslip ने तालुका कार्यालय के पास स्थित ऐतिहासिक दरगाह को खतरे में डाल दिया। इस घटना के बाद राज्य सरकार ने इस जोखिम को कम करने के लिए दीवार का निर्माण शुरू किया। कुल लागत ₹1.84 करोड़ थी, लेकिन ठेकेदार को अभी तक पूरी राशि नहीं मिली है, इसलिए परियोजना अभी भी पंचायती राज विभाग के अधीन चल रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया और प्रशासनिक कदम
स्थानीय निवासी बुधवार को दीवार पर स्पष्ट दरारें देखते ही भय में आ गए। प्रशासन ने तुरंत प्रभावित परिवारों को स्रिंगेरी मठ के सरकारी हॉस्टल और अन्य आवासीय सुविधाओं में अस्थायी आश्रय प्रदान किया। दुकानदारों ने आय के नुकसान के कारण स्थानांतरित होने में हिचकिचाहट जताई, परंतु सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें वैध उपायों से बाहर नहीं निकाला गया।
विशेषज्ञों की जांच और संभावित समाधान
जिला प्रशासन ने दो विशेषज्ञ टीमों को साइट पर भेजा: एक मैंग्लोरु से लैंडस्लिप विशेषज्ञ इंजीनियर्स की और दूसरी जल-रोधक (water‑proofing) में निपुण टीम की। दोनों ने संरचना की गुणवत्ता, संभावित कमजोरियों और मरम्मत के विकल्पों पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का समय मांगा है। तालुका तहसीलदार अनुप संयोग ने बताया कि ठेकेदार ने अनुमोदित योजना के अनुसार काम किया है, परंतु विशेषज्ञों की सिफ़ारिशों का इंतजार जारी है।
राजनीतिक प्रतिध्वनि
बीजेपी के पूर्व मंत्री डी.एन. जीवराज ने शुक्रवार को साइट का दौरा कर निर्माण में लापरवाहियों और संभावित भ्रष्टाचार पर सवाल उठाए। वहीं स्रिंगेरी के विधायक टी.डी. राजे गोव्डा ने इन आरोपों को बेमतलब कहा और कहा कि मुद्दे को राजनीति में बदलना अनुचित है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने पहले ही विशेषज्ञों को नियुक्त किया है, जिससे उचित समाधान निकाला जाएगा।