थूथुकी के सांसद के. कनिमोजी ने डिसा (DISHA) बैठक में ग्रामीण रोजगार, सड़कों, जल, स्वच्छता और आवास योजनाओं की वर्तमान स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन किया। उन्होंने सभी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने की तीव्र अपील की।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • कनिमोजी ने प्रमुख विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की
  • MGNREGA, PMGSY, PMAY, जल जीवन मिशन सहित कई केंद्र और राज्य योजनाओं की स्थिति पर चर्चा हुई
  • सभी योजनाओं की समयसीमा तेज करने की मांग की गई

थूथुकी (तामिलनाडु) में शनिवार को आयोजित जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (DISHA) की बैठक में सांसद के. कनिमोजी ने अध्यक्षता की। इस मंच का उद्देश्य विभिन्न केंद्र और राज्य योजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन, बाधाओं की पहचान और त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करना है।

DISHA समिति का महत्व

DISHA, जिसका अर्थ है “District Integrated Sustainable Holistic Advancement”, स्थानीय प्रशासन, विकास विभाग और प्रतिनिधियों के बीच एक समन्वयात्मक मंच है। यह समिति हर तिमाही में मिलती है और योजना‑आधारित कार्यों की जाँच‑परख करती है, जिससे संसाधनों का कुशल उपयोग और लाभार्थियों तक सीधा पहुँच सुनिश्चित हो सके।

मुख्य योजनाओं की वर्तमान स्थिति

बैठक में कई प्रमुख योजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई:

  • MGNREGA – ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत कार्यरत 12,000 से अधिक जनश्रमिकों को रोजगार दिया गया, लेकिन कई क्षेत्रों में कार्य की गुणवत्ता और समयसीमा में देरी की रिपोर्ट मिली।
  • प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) – 85 प्रतिशत गाँवों को सतत्‑सभी‑मौसम सड़क मिली, शेष 15 प्रतिशत के लिए पुनः कार्य आरम्भ किया गया।
  • प्रधान मंत्री आवास योजना (PMAY) – 3,200 कुटुंबों को घर मिला, जबकि शेष आवासों के लिए वित्तीय प्रवाह में बाधाएँ सामने आईं।
  • जल जीवन मिशन – 250 गांवों में ट्यूब‑वेल स्थापित कर 1.2 मिलियन लोगों को सुरक्षित जल उपलब्ध कराया गया।
  • स्वच्छ भारत मिशन‑ग्रामीण – शौचालय निर्माण में 78 प्रतिशत लक्ष्य पूरा हुआ, लेकिन रखरखाव और उपयोगिता पर निरंतर निगरानी की आवश्यकता है।

इसके अतिरिक्त, थूथुकी निगम की “सीरमीगु नगर योजना” और अमृत 2.0 जैसी शहरी विकास पहलों की भी समीक्षा की गई।

स्थानीय प्रशासन की भूमिका

संकल्पना को साकार करने में जिला कलेक्टर विषु महाजन, विधायक अनिता राधाकृष्णन, जे. परियासामी मेयर सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने जल आपूर्ति, जल निकासी, माइक्रो‑इरिगेशन और फसल बीमा जैसी कृषि‑संबंधी योजनाओं की वर्तमान प्रगति पर विस्तृत चर्चा की और भविष्य में सुधार हेतु तकनीकी सहायता की पेशकश की।

आगे का मार्ग

कनिमोजी ने सभी विभागों से अनुरोध किया कि वे निलंबित कार्यों को तीव्र गति से पूरा करें और लाभार्थियों को सीधे लाभ पहुँचाने के लिए डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली लागू करें। उन्होंने कहा, “यदि हम आज ही ठोस कदम नहीं उठाएँगे, तो विकास की गति धीमी हो जाएगी और जनता को असंतोष होगा।” इस दिशा में, अगले महीने एक अतिरिक्त समीक्षा बैठक का आयोजन निर्धारित किया गया है।