भूतेश्वर मुख्यमंत्री सिद्धराजैया ने कर्नाटक में एम.पी. प्रकाश को सम्मानित करने के लिये होविना हडगाली के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज का नाम बदलने की मांग को बल दिया। उन्होंने प्रकाश को एक ईमानदार, मूल्य-आधारित नेता और विद्वान के रूप में याद किया।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • सिद्धराजैया ने एम.पी. प्रकाश के सम्मान में कॉलेज का नाम बदलने की आधिकारिक प्रस्तावना की।
  • प्रकाश को कर्नाटक के सबसे विद्वान और नैतिक राजनेताओं में से एक माना जाता है।
  • नाम परिवर्तन से भविष्य की पीढ़ियों को उनके आदर्शों की याद दिलाने की आशा है।

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धराजैया ने शनिवार को होविना हडगाली में आयोजित 86वें जन्मजयंती समारोह में एम.पी. प्रकाश के नाम पर सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज का नाम बदलने की मांग का समर्थन किया। यह प्रस्ताव केवल एक प्रतीकात्मक श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि कर्नाटक की शिक्षा नीति में नैतिकता और वैज्ञानिक सोच को स्थायी रूप से स्थापित करने का एक कदम माना गया है।

पृष्ठभूमि और इतिहास

एम.पी. प्रकाश, जो 15 साल पहले इस राज्य से विदा हुए, एक ऐसा नेता थे जिन्होंने अपने पूरे जीवन में सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता और शैक्षिक प्रगति के मूल्यों को प्राथमिकता दी। 2004 में जैनता दल (सेक्युलर) के भीतर उनके द्वारा सिद्धराजैया को मुख्यमंत्री पद के लिये प्रस्तावित करने की कहानी राज्य राजनीति में एक उल्लेखनीय उदाहरण है, जहाँ उन्होंने व्यक्तिगत महत्त्वाकांक्षा को त्याग कर पार्टी के हित को महत्व दिया।

सिद्धराजैया का बयान

समारोह में अपने भाषण में सिद्धराजैया ने कहा, “प्रकाश एक सज्जन, एक राजनेता और एक अजात शत्रु थे, जिन्होंने अपने पूरे राजनीतिक सफर में अपने आदर्शों के प्रति अडिग रहे।” उन्होंने यह भी कहा कि प्रकाश ने कभी जाति-आधारित राजनीति या धार्मिक नेताओं के माध्यम से अपना राजनैतिक लाभ नहीं उठाया, जिससे उनका नैतिक मानचित्र अत्यंत स्पष्ट है।

शैक्षणिक और प्रशासनिक योगदान

प्रकाश को कर्नाटक के सबसे पढ़े-लिखे राजनेताओं में से एक माना जाता था; उनका पुस्तक प्रेम और वैज्ञानिक सोच ने कई सरकारी विभागों में नीतियों को प्रभावी रूप से आकार दिया। उदाहरण के तौर पर, जब सिद्धराजैया राज्य के वित्तीय मामलों का प्रबंधन कर रहे थे, तब प्रकाश ने हंपी उत्सव के लिए फंड मंजूर करने की सलाह दी, जिससे राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा मिला।

नाम परिवर्तन के संभावित प्रभाव

यदि राज्य सरकार इस प्रस्ताव को स्वीकृत करती है, तो हडगाली इंजीनियरिंग कॉलेज का नाम बदलकर एम.पी. प्रकाश इंजीनियरिंग कॉलेज रखा जाएगा, जो न केवल एक सम्मान का प्रतीक होगा, बल्कि छात्रों को नैतिक और वैज्ञानिक मूल्यों की ओर प्रेरित करेगा। यह कदम कर्नाटक की राजनीति में एक नई दिशा का संकेत देगा, जहाँ ईमानदारी और ज्ञान को सार्वजनिक संस्थानों के नामकरण में प्रमुखता दी जाएगी।