चेंनी नगर निगम ने 2022 में स्थापित लकड़ी की पहुंच रैंप को हाई‑डेंसिटी पॉलीथीन (HDPE) रैंप से बदलने का निर्णय लिया है। यह बदलाव समुद्र तट के ब्लू फ़्लैग हिस्से में लागू नई डिज़ाइन के समान होगा, परंतु विकलांग समूहों से कुछ चिंताएँ उठी हैं।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • 2022 में स्थापित लकड़ी की रैंप को HDPE रैंप से बदलेंगे।
  • नया रैंप हाई‑डेंसिटी पॉलीथीन से बनेगा, जिससे रखरखाव आसान होगा।
  • विकलांग समुदाय ने नई डिज़ाइन की सुगमता पर सवाल उठाए हैं।

ग्रेटर चेंनी कॉर्पोरेशन (GCC) ने घोषणा की है कि मारिना बीच पर स्थित मौजूदा पहुंच रैंप को हटाकर हाई‑डेंसिटी पॉलीथीन (HDPE) रैंप स्थापित किया जाएगा। यह कार्य इस महीने के अंत में जारी कार्य आदेश के बाद शुरू होगा, अधिकारी बताते हैं।

पिछला पृष्ठभूमि

2022 में, GCC ने समुद्र तट पर एक लकड़ी की रैंप स्थापित की थी, जिसका उद्देश्य विकलांग व्यक्तियों और वरिष्ठ नागरिकों को समुद्र तट तक आसान पहुँच प्रदान करना था। इस संरचना को कोस्टल रेगुलेशन ज़ोन (CRZ) के पर्यावरण मानकों के अनुसार इको‑फ्रेंडली सामग्री से बनाया गया था, और अत्यधिक मौसम के बाद आसान मरम्मत की संभावना को ध्यान में रखा गया था।

रैंप के गिरावट के कारण

समय के साथ, रैंप को सहारा देने वाले ब्राज़ीलियाई लकड़ी के खम्भे रेत में दफ़न थे, जो लगातार समुद्री जल और नम मौसम के संपर्क में रहने से सड़ने लगे। अधिकारी बताते हैं कि नाख़ून या अन्य कोई भी सहारा देने वाला तंत्र उपयोग नहीं किया जा सका क्योंकि लकड़ी पूरी तरह से क्षय हो चुकी थी। इस कारण, अब रैंप की सुरक्षा और स्थायित्व को देखते हुए HDPE सामग्री को प्राथमिकता दी गई है।

नया HDPE रैंप और संभावित चुनौतियाँ

HDPE रैंप को समुद्र तट के ब्लू फ़्लैग हिस्से में स्थापित किए जाने वाले समान मॉडल के अनुरूप बनाया जाएगा, जिससे टिकाऊपन और रखरखाव की लागत में कमी आएगी। हालांकि, सामाजिक मीडिया पर विकलांग समूहों ने इस नई डिज़ाइन की सतह की समतलता और रेलिंग की उपलब्धता को लेकर चिंताएँ व्यक्त की हैं, यह तर्क देते हुए कि लकड़ी की रैंप अधिक आरामदायक और सुरक्षित थी।

भविष्य की दिशा

GCC ने बताया कि नई रैंप की डिजाइन में उपयोगकर्ता प्रतिक्रिया को शामिल किया जाएगा, और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त सुरक्षा सुविधाएँ जोड़ी जा सकती हैं। इस कदम से न केवल समुद्र तट की पहुँच में सुधार होगा, बल्कि पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।