पूर्व तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष क. अन्नामलाई ने 'वी द लीडर्स' आंदोलन को धर्म‑मुक्त बताया और इसे भविष्य में राजनीतिक पार्टी में बदलने की इच्छा व्यक्त की। महिला और युवा इस आंदोलन की प्रमुख शक्ति बनेंगे।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • धर्म को संगठन के दायरे से बाहर रखा गया है।
  • ‘We The Leaders’ का लक्ष्य तमिलनाडु को शीर्ष राज्य बनाना है।
  • महिलाएँ और जनरेशन‑Z इस आंदोलन के मुख्य स्तंभ हैं।

नई दिल्ली – पूर्व तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने रविवार को अपने नए आंदोलन ‘We The Leaders’ की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि “धर्म इस संगठन के दायरे से बाहर है” और इस प्लेटफ़ॉर्म को अंततः एक राजनीतिक पार्टी में परिवर्तित करने का इरादा है।

धर्म‑मुक्त मंच का उद्देश्य

पोल्लाचि में आयोजित ‘ड्रग‑फ्री पोल्लाचि अवेयरनेस कॉन्फ़्रेंस’ में अन्नामलाई ने स्पष्ट किया कि उनका फोकस शासन, सार्वजनिक ज़िम्मेदारी और तमिलनाडु को भारत के अग्रणी राज्य बनाना है। उन्होंने कहा, “हमारी राजनीति की पहचान जिम्मेदारी है, न कि धर्म।” यह बयान तमिलनाडु की जातीय‑धार्मिक राजनीति से एक स्पष्ट विचलन दर्शाता है, जहाँ अक्सर धर्म को वोट‑बैंक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

सदस्यता नहीं, सामूहिक मंच

अन्नामलाई ने यह भी रेखांकित किया कि यह आंदोलन सदस्यता अभियान द्वारा नहीं, बल्कि लोगों के सामूहिक सहयोग से बन रहा है। “मैं किसी को जुड़ने का निमंत्रण नहीं दे रहा हूँ; मैं भी ‘We The Leaders’ में आपके बीच हूँ,” उन्होंने कहा। उन्होंने अगले छह महीनों में 50 लाख पेड़ लगाने की आकांक्षा भी व्यक्त की, जिससे पर्यावरणीय पहल और सामाजिक जिम्मेदारी को जोड़ते हुए अपनी प्रतिबद्धता दिखायी।

महिला और जनरेशन‑Z की भूमिका

आंदोलन की संरचना में महिलाओं और युवा वर्ग का बड़ा हिस्सा है। अन्नामलाई ने बताया, “हमारे आंदोलन में 17 % महिलाएँ हैं, जिनमें 14 % 18‑25 वर्ष की आयु की हैं, और कुल 54 % सदस्य 35 वर्ष से नीचे हैं।” उन्होंने कहा कि 2026 के चुनाव में जनरेशन‑Z ने बदलाव लाया, और 2031 के चुनाव में वही वर्ग फिर से प्रमुख भूमिका निभाएगा। यह युवा‑प्रधान रणनीति तमिलनाडु की भविष्य की राजनीति को नई दिशा दे सकती है।

बीजेपी से अलगाव और राजनीतिक समीकरण

अन्नामलाई ने कुछ हफ्ते पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से इस्तीफा दे दिया था, जिससे राज्य में पार्टी के समीकरण बदल गए। उन्होंने यह कदम 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में बीजेपी‑एआईएडीयमके गठबंधन की हार के बाद उठाया। अब “We The Leaders” को एक वैकल्पिक या समानांतर राजनीतिक संस्कृति के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे भविष्य में दोनों पार्टियों के बीच नई प्रतिस्पर्धा उत्पन्न हो सकती है।

यदि यह आंदोलन सफल होता है, तो यह तमिलनाडु में धर्म‑आधारित राजनीति को कम कर सकता है और विकास‑उन्मुख नीतियों को प्रमुखता दे सकता है, जिससे राज्य की सामाजिक‑आर्थिक प्रगति तेज़ हो सकती है।