बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सरज पार्टी के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने अपने 198 करोड़ रुपये की कुल सम्पत्ति का खुलासा किया। दिल्ली से लेकर असम के गुहावाटी तक कई प्रॉपर्टी, बैंक जमा और शेयर निवेश के साथ‑साथ चार अलग‑अलग कानूनी मामलों की जानकारी भी दी गई।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • प्रशांत किशोर की कुल सम्पत्ति लगभग 198 करोड़ रुपये
  • दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और असम में विस्तृत रियल एस्टेट पोर्टफोलियो
  • उनके खिलाफ चार अलग‑अलग कानूनी केस दर्ज

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सरज पार्टी के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने चुनावी हलफनामे में अपनी सम्पत्ति का विस्तृत विवरण दिया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, उनके और उनकी पत्नी जाह्नवी दास की संयुक्त चल‑अचल संपत्ति 198 करोड़ रुपये है, जिसमें 73 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति और 22 करोड़ रुपये की चल सम्पत्ति शामिल है। यह आंकड़ा भारतीय राजनीति में निजी धन के सार्वजनिक प्रकटीकरण के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण डेटा बिंदु बनता है।

रियल एस्टेट पोर्टफोलियो का विस्तार

किशोर के नाम पर दिल्ली के वसंत विहार, उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद, बिहार के बक्सर और रोहतास, तथा असम के गुहावाटी में कई प्रॉपर्टी पंजीकृत हैं। विशेष रूप से गुहावाटी के मदर टेरेसा रोड पर एक अपार्टमेंट और नोएडा के जेपी ग्रीन्स में एक अलॉटमेंट उनकी विस्तृत भू‑संपत्ति को दर्शाते हैं। इन प्रॉपर्टी की कुल मूल्यांकन लगभग 73 करोड़ रुपये है, जो उनकी कुल सम्पत्ति का लगभग 37% बनाता है।

वित्तीय निवेश और जमा

प्रशांत किशोर ने बैंक में बड़ी रकम जमा, फिक्स्ड डिपॉजिट, म्यूचुअल फंड, शेयर और जीवन बीमा में कुल 5.34 करोड़ रुपये का निवेश बताया है। इसके अलावा, पोस्ट ऑफिस के पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) में 58.75 लाख रुपये का निवेश भी दर्ज है। उनकी पत्नी के पास 1.95 लाख रुपये की नकद संपत्ति और 64 लाख रुपये मूल्य की 475 ग्राम सोने की वस्तु है, जबकि उनके पास केवल एक सोने की अंगूठी है।

कर्ज और कानूनी मामलों की स्थिति

कुल मिलाकर दोनों के नाम पर लगभग 9 करोड़ रुपये का बकाया कर्ज दिखाया गया है, जो उनकी सम्पत्ति के सापेक्ष मामूली है। हालांकि, कानूनी तौर पर उनके खिलाफ चार केस दर्ज हैं—सहरसा, पटना, मुजफ्फरपुर और बेतिया के अलग‑अलग कोर्ट में चल रहे मुक़दमे। इन मामलों की प्रकृति सार्वजनिक नहीं हुई है, परन्तु चुनावी मैदान में इस जानकारी का खुलासा संभावित विरोधियों के लिए रणनीतिक लाभ हो सकता है।

राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव

ऐसे बड़े वित्तीय खुलासे भारतीय राजनैतिक परिदृश्य में दोहरा प्रभाव डालते हैं। एक ओर, यह पारदर्शिता को बढ़ावा देता है और मतदाताओं को उम्मीदवार की आर्थिक स्थिति का स्पष्ट चित्र देता है। दूसरी ओर, यह विरोधी पार्टियों को आर्थिक या कानूनी मुद्दों के आधार पर प्रश्न उठाने का अवसर प्रदान करता है। इस प्रकार, प्रशांत किशोर का नेटवर्थ और केस‑सूची आगामी चुनावी रणनीति में प्रमुख भूमिका निभा सकती है।