सोनम वांगचुक, जिन्होंने '3 इडियट्स' में चतुर के रूप में अलीकृत प्रेरणा दी, दिल्ली के जंतर मंतर में अनिश्चितकालीन हंगर स्ट्राइक कर रहे हैं। उनका संघर्ष जल संरक्षण और जल नीति में बदलाव की मांग करता है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • सोनम वांगचुक ने जंतर मंतर में अनिश्चितकालीन हंगर स्ट्राइक शुरू की।
  • उनकी माँगें भारत की जल नीति में पारदर्शिता और स्थानीय जल अधिकारों की सुरक्षा हैं।
  • वांगचुक की कहानी '3 इडियट्स' के चतुर पात्र से जुड़ी है, जिससे सार्वजनिक जागरूकता बढ़ी।

सोनम वांगचुक, जो भारतीय शैक्षणिक और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में पहचान बनाते हैं, ने 2024 में दिल्ली के जंतर मंतर में अनिश्चितकालीन हंगर स्ट्राइक शुरू की। यह कदम उन्होंने राष्ट्रीय जल नीति में पारदर्शिता, जल अधिकारों की सुरक्षा और जल प्रबंधन में स्थानीय समुदायों की भूमिका को सुदृढ़ करने के लिए उठाया है।

पृष्ठभूमि और प्रेरणा

वांगचुक का जन्म 1979 में लद्दाख के इमजिला में हुआ था। उन्होंने लद्दाख के जल संकट को हल करने के लिए कई नवाचारी परियोजनाएँ शुरू कीं, जैसे कि बर्फीले जल को सौर ऊर्जा से पिघलाकर सिंचा प्रणाली। इन प्रयासों ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई, और 2009 में उनकी कहानी इंडिया टुडे में प्रकाशित हुई, जिससे उन्हें बॉलीवुड फिल्म ‘3 इडियट्स’ के ‘फुन्सुख वांगडू’ (चतुर) पात्र की प्रेरणा मिली।

हंगर स्ट्राइक का कारण

वांगचुक ने स्पष्ट किया कि उनका हंगर स्ट्राइक जल नीति के दो मुख्य मुद्दों पर केंद्रित है: पहला, जल अधिकारों का केंद्रीकृत नियंत्रण जो स्थानीय लोगों को उनके पारंपरिक जल स्रोतों से वंचित करता है; दूसरा, जल परियोजनाओं में पारदर्शिता की कमी, जिससे भ्रष्टाचार और जल संसाधनों का दुरुपयोग बढ़ता है। उन्होंने कहा, “अगर सरकार जल को जनता के हाथों में नहीं देती, तो भविष्य की पीढ़ियों के पास कोई जल नहीं रहेगा।”

प्रतिक्रिया और संभावित प्रभाव

हंगर स्ट्राइक को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक समर्थन मिला है। कई पर्यावरणीय NGOs, सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक समूह ने वांगचुक के साथ एकजुटता जताई है। वहीं, सरकार ने अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन कई राजनेता ने इस मुद्दे को “जल नीति सुधार” के एजेंडा में जोड़ने का संकेत दिया है। यदि वांगचुक की मांगें पूरी होती हैं, तो यह भारत में जल प्रबंधन के ढांचे को पुनः आकार दे सकता है, जिससे ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में जल अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

आगे का रास्ता

वांगचुक ने कहा कि वह इस स्ट्राइक को तब तक जारी रखेंगे जब तक उनकी माँगें पूरी नहीं हो जातीं। उन्होंने जनता को जागरूक करने और जल संरक्षण के लिए सामूहिक कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया। उनका संदेश स्पष्ट है: “जल ही जीवन है, और हमें इसे सुरक्षित रखने के लिए संघर्ष करना होगा।”