बीजेपी के राज्य सदस्य रघु कौटिल्य ने राज्य सरकार को तुरंत मायसूर विकास प्राधिकरण (एमडीए) के कमिश्नर पद को भरने का आग्रह किया। उन्होंने इस पद के खाली रहने से संस्थान की कार्यक्षमता पर पड़ रहे असर और चल रहे 50:50 योजना स्कैम को उजागर किया।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • एमडीए कमिश्नर पद दो महीने से खाली है
  • रघु कौटिल्य ने तत्काल नियुक्ति का अनुरोध किया
  • स्कैम जांच के दौरान शासकीय पोर्टफोलियो पर प्रश्न उठे

कर्नाटक के मायसूर शहर में विकास कार्यों की देखरेख करने वाली मायसूर विकास प्राधिकरण (एमडीए) का कमिश्नर पद दो महीने से खाली है। पूर्व कमिश्नर रक्षीथ को शहरी विकास मंत्री यथिंद्र सिद्धरैया के निजी सचिव नियुक्त किए जाने के बाद इस पद पर कोई नाम नहीं दिया गया, जिससे एमडीए की कार्यप्रणाली में गंभीर रुकावट आई है।

बीजेपी एमएलसी रघु कौटिल्य की मांग

बीजेपी के राज्य सदस्य और ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष रघु कौटिल्य ने 15 जुलाई को मायसूर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार से तत्काल कमिश्नर नियुक्त करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "कमिश्नर के बिना एमडीए की निर्णय प्रक्रिया ठहर गई है, विशेषकर 50:50 अनुपात योजना से जुड़े चल रहे स्कैम जांच के दौरान।" उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि शहरी विकास पोर्टफोलियो को यथिंद्र सिद्धरैया को क्यों सौंपा गया, जबकि उनके परिवार की स्कैम में संलिप्तता के आरोप अभी तक स्पष्ट नहीं हुए हैं।

स्कैम जांच और पोर्टफोलियो की वैधता

एमडीए को 50:50 योजना के तहत निजी निवेशकों और सरकार के बीच भूमि विकास अधिकारों का विभाजन करने की जिम्मेदारी दी गई थी। इस योजना को लेकर कई ठेकेदारों और राजनेताओं के बीच विवाद छिड़ा है, और कई आरोपों के साथ एक विस्तृत जांच चल रही है। कौटिल्य ने कहा, "जब तक परिवार के सदस्य आरोपों से मुक्त नहीं हो जाते, तब तक शहरी विकास विभाग को ऐसे संवेदनशील पोर्टफोलियो नहीं सौंपा जाना चाहिए।" उन्होंने एमडीए के लिए एक विशेष निगरानी इकाई (विजिलेंस विंग) की भी मांग की, जिससे भविष्य में ऐसे घोटालों को रोका जा सके।

दसराह और सांस्कृतिक पहल

प्रेस कॉन्फ्रेंस में दसराह उत्सव की भी चर्चा हुई। कौटिल्य ने सुझाव दिया कि इस साल के दसराह समारोह का उद्घाटन सुत्तूर मठ के शिवारात्रि देशीकेन्द्र स्वामी द्वारा किया जाए, और फिल्मी सितारे राजनिकांत को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाए। उन्होंने कहा, "दसराह के दौरान देश-विदेश के पर्यटक मायसूर आते हैं, इसलिए विरासत भवनों को संवारना और अन्य राज्यों के टेबलॉज़ का प्रदर्शन करना पर्यटन को बढ़ावा देगा।"

भविष्य की दिशा

कौटिल्य की मांगें केवल एक व्यक्तिगत शिकायत नहीं, बल्कि कर्नाटक में शहरी विकास और विरासत संरक्षण के व्यापक मुद्दे को उजागर करती हैं। यदि सरकार शीघ्र कमिश्नर नियुक्त करती है और निगरानी इकाई स्थापित करती है, तो एमडीए के कामकाज में पुनः गति आ सकती है, जिससे मायसूर के आर्थिक विकास और पर्यटन को लाभ होगा।