प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में कहा कि भारत रक्षा उत्पादन और निर्यात दोनों में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कारगिल के नायकों को नमन करते हुए देश की बढ़ती सैन्य और अंतरिक्ष क्षमताओं पर गर्व जताया।
मुख्य बातें
- भारत अब एक विश्वसनीय वैश्विक रक्षा भागीदार के रूप में उभर रहा है।
- रक्षा उत्पादन और निर्यात में भारत निरंतर प्रगति कर रहा है।
- कारगिल विजय दिवस पर प्रधानमंत्री ने वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।
- निजी क्षेत्र द्वारा विकसित 'विक्रम-1' रॉकेट की सफलता ने अंतरिक्ष क्षेत्र में नया इतिहास रचा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के माध्यम से देश को संबोधित करते हुए कहा कि भारत अब वैश्विक रक्षा परिदृश्य में एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चाहे रक्षा उत्पादन हो या निर्यात, भारत लगातार नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।
कारगिल के वीरों को नमन
प्रधानमंत्री ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस को याद किया। उन्होंने कहा कि 1999 के संघर्ष के दौरान, कठिन मौसम और दुश्मन की चुनौतियों के बावजूद, हमारे सैनिकों ने असाधारण वीरता का परिचय दिया। उन्होंने कहा, "कारगिल विजय दिवस हमें हमारे बहादुर सैनिकों के असाधारण साहस की याद दिलाता है और हमें गर्व से भर देता है।"
रक्षा और अंतरिक्ष में आत्मनिर्भरता
पीएम मोदी ने रक्षा क्षेत्र में हालिया सफलताओं का विवरण साझा किया। उन्होंने इंडोनेशिया में ब्रह्मोस (BrahMos) और एस्ट्रा (Astra) मिसाइलों के लिए हुए महत्वपूर्ण समझौते का उल्लेख किया। इसके साथ ही, उन्होंने DRDO द्वारा पिनका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट और कुशा मिसाइल के सफल परीक्षण की सराहना की।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत की रक्षा निर्यात रणनीति न केवल आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रही है, बल्कि वैश्विक भू-राजनीति में भारत की सौदेबाजी की शक्ति (bargaining power) को भी बढ़ा रही है। रक्षा क्षेत्र में निजी भागीदारी का बढ़ना भारत को एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
भारत का रक्षा क्षेत्र अब केवल उपभोग से हटकर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनने की ओर बढ़ रहा है।
अंतरिक्ष क्षेत्र की बात करते हुए, प्रधानमंत्री ने 19 जुलाई 2026 को विक्रम-1 के सफल प्रक्षेपण को एक ऐतिहासिक क्षण बताया। यह भारत का निजी क्षेत्र द्वारा विकसित पहला रॉकेट है, जो भारतीय युवा नवाचारों की शक्ति को दर्शाता है।
Frequently Asked Questions
1. विक्रम-1 रॉकेट की क्या विशेषता है?
विक्रम-1 भारत का पहला रॉकेट है जिसे निजी क्षेत्र द्वारा विकसित किया गया है, जो अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी का प्रतीक है।
2. पीएम मोदी ने किन मिसाइलों का उल्लेख किया?
प्रधानमंत्री ने ब्रह्मोस, एस्ट्रा, पिनका और कुशा मिसाइलों की सफलताओं और समझौतों का उल्लेख किया।