न्यू प्राइम मिनिस्टर एंडी बर्नहैम ने यूके के एक नौसैनिक अड्डे पर यूक्रेनी राष्ट्रपति व्लादिमिर ज़ेलेंस्की से मुलाकात की, जिससे ब्रिटेन का यूक्रेन के प्रति अडिग समर्थन स्पष्ट हुआ। इस बातचीत में सैन्य प्रशिक्षण, ‘स्टोन क्लोक’ इलेक्ट्रॉनिक जैमर और भविष्य के सहयोग पर चर्चा होगी।
मुख्य बिंदु
- बर्नहैम ने ज़ेलेंस्की को यूके नौसैनिक अड्डे पर स्वागत किया
- ब्रिटेन का समर्थन 25 बिलियन पाउंड से अधिक, जिसमें 16 बिलियन सैन्य सहायता शामिल है
- ‘स्टोन क्लोक’ जैमर का उपयोग यूक्रेन में ड्रोन रक्षा के लिए किया जा रहा है
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि यूके‑यूक्रेन संबंधों में इस स्तर का सार्वजनिक समर्थन दोनों देशों की सुरक्षा रणनीति में निर्णायक भूमिका निभा सकता है, विशेषकर रूसी आक्रमण के खिलाफ।
नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने कहा कि वे यूक्रेन के साथ “कंधे से कंधा” खड़े हैं और उनका समर्थन “अडिग” है। यह बयान पिछले प्रधानमंत्री केयर स्टारमर की नीतियों को जारी रखता है, जिन्होंने कई बार ज़ेलेंस्की से मुलाकात की थी।
दोनों नेता पोर्टलैंड, डॉर्सेट में स्थित नौसैनिक अड्डे पर यूक्रेनी और ब्रिटिश सैनिकों से मिलेंगे, जिन्होंने ‘सी ब्रीज़’ अभ्यास में भाग लिया था। यह 15‑देशीय प्रशिक्षण ऑपरेशन ब्लैक सी में खनन और समुद्री संचालन पर केंद्रित है।
बैठक में ‘स्टोन क्लोक’ परियोजना पर चर्चा होगी, जो एक इलेक्ट्रॉनिक जैमर है जिसे यूके ने यूक्रेन को तुरंत उपयोग के लिए उपलब्ध कराया है। हजारों टैबलेट‑आकार के जैमर ड्रोन में स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे रूसी एंटी‑एयर सिस्टम को ट्रैक करने से रोका जा सके।
बर्नहैम ने कहा, “रूस को हमारे संकल्प पर कोई संदेह नहीं होना चाहिए; हम एक स्थायी और न्यायसंगत शांति के लिए दृढ़ रहेंगे।” यह बयान यूक्रेन के लिए ब्रिटेन के आर्थिक और सैन्य समर्थन के आंकड़ों को दोहराता है, जो 2022‑2025 में कुल 25 बिलियन पाउंड तक पहुंच चुका है।
“यूक्रेन की रक्षा में तकनीकी नवाचारों का तेज़ी से एकीकरण भविष्य की युद्धशैली को बदल देगा,” कहते हैं अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. अंजू मिश्रा।
Frequently Asked Questions
Q1: बर्नहैम‑ज़ेलेंस्की मुलाकात के मुख्य उद्देश्य क्या हैं?
A: दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग को मजबूत करना और ‘स्टोन क्लोक’ जैसी तकनीकी सहायता को तेज़ी से लागू करना।
Q2: क्या यह मुलाकात यूक्रेन‑रूस संघर्ष में नई रणनीति का संकेत देती है?
A: हाँ, यह इंगित करता है कि पश्चिमी सहयोगियों की ओर से निरंतर और विस्तृत समर्थन जारी रहेगा।