गीता‍ंजली अंगमो, सोनम वांगचुक की पत्नी, ने बीजैप और कांग्रेस दोनों पर समान राजनीतिक खेल‑पुस्तिका चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने उपवास के बाद भी सरकारी प्रतिबंधों और भारी पुलिस तैनाती की निंदा की।

मुख्य बिंदु

  • सोनम वांगचुक की पत्नी ने बीजैप और कांग्रेस दोनों को समान नीतियों के लिए आलोचना की।
  • वांगचुक ने 26‑दिन का उपवास किया, 11 किग्रा वजन घटाया।
  • भारी पुलिस तैनाती और अस्पताल में प्रतिबंधों को उन्होंने अस्वीकार किया।

गुज़रते दिनों, हिमाचल प्रदेश के पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी, गीता‍ंजली अंगमो ने बीजैप और कांग्रेस दोनों पर समान राजनीतिक खेल‑पुस्तिका चलाने का आरोप लगाया।

अंगमो ने कहा कि सरकार ने उपवास समाप्त होने के बाद भी उनके पति को मिलने वाले प्रतिनिधियों को सीमित किया और अस्पताल में भारी पुलिस तैनाती की, जिससे मानवीय दया पर सवाल उठता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

सोनम वांगचुक ने 2016 में लेह‑लद्दाख में जलवायु परिवर्तन के खिलाफ आंदोलन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाया। 2023 में उन्होंने फिर से सरकार को जलवायु नीति में सुधार का आह्वान किया, जिसके बाद वह 26‑दिन का उपवास शुरू किया।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that such public criticism from a protest leader’s family can sway public opinion and pressure political parties ahead of upcoming state elections.

“राजनीतिक दलों को जनता के स्वास्थ्य और मानवाधिकार को प्राथमिकता देनी चाहिए, न कि दिखावे के लिए प्रतिबंधों को लागू करना।” — डॉ. अर्चना सिंह, मानवाधिकार विशेषज्ञ
क्या आपको पता है?: सोनम वांगचुक ने अपने उपवास के दौरान 11 किलोग्राम वजन घटाया, जो भारतीय इतिहास में सबसे लंबा राजनीतिक उपवास माना जाता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: सोनम वांगचुक ने क्यों उपवास किया?

उत्तर: जलवायु नीति में त्वरित कार्रवाई और सरकार की अनदेखी को लेकर उन्होंने इस उपाय को अपनाया।

प्रश्न 2: पुलिस की उपस्थिति का कारण क्या था?

उत्तर: सरकार ने सुरक्षा कारणों को बताकर अस्पताल में कड़ी सुरक्षा लागू की, लेकिन यह कदम आलोचना का कारण बना।