कोच्चि नगर निगम के उप महापौर पद के लिए यूडीएफ ने चार बार के पार्षद वी.आर. सुधीर को अपना उम्मीदवार चुना है। इस पद पर दीपक जोय के इस्तीफे के बाद से खाली थी, जिससे प्रशासनिक कार्यों में बाधा आ रही थी।
मुख्य बातें
- यूडीएफ ने वी.आर. सुधीर को कोच्चि नगर निगम उप महापौर पद के लिए नामित किया।
- 76 सदस्यीय सदन में यूडीएफ के पास 48 सदस्यों का बहुमत है।
- एलडीएफ ने पी.जे. येसुदास और भाजपा ने जलजा एस. आचार्य को मैदान में उतारा है।
- दीपक जोय के विधायक बनने के बाद से यह पद खाली चल रहा था।
कोच्चि नगर निगम के आगामी उप महापौर चुनाव के लिए यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने अपने अनुभवी उम्मीदवार वी.आर. सुधीर के नाम की घोषणा कर दी है। एलामक्करा साउथ डिवीजन से चार बार के पार्षद रहे सुधीर को मंगलवार को जिला कांग्रेस कमेटी (DCC) अध्यक्ष मोहम्मद शियास की अध्यक्षता में हुई कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में सर्वसम्मति से चुना गया।
यह महत्वपूर्ण पद तब से खाली है जब पूर्व उप महापौर दीपक जोय ने त्रिपुनितुरा से विधायक चुने जाने के बाद 13 मई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इस रिक्ति के कारण नगर निगम की वित्त स्थायी समिति के कामकाज में भी प्रशासनिक अड़चनें देखी गई थीं, जिसके लिए विपक्ष (LDF) ने आलोचना भी की थी।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि कोच्चि नगर निगम की राजनीति में शक्ति का संतुलन यूडीएफ के पक्ष में झुका हुआ है। 76 सदस्यीय सदन में यूडीएफ के पास 48 सदस्यों का मजबूत समर्थन है, जो उन्हें इस चुनाव में स्पष्ट बढ़त देता है।
कोच्चि में उप महापौर का पद केवल एक पद नहीं, बल्कि नगर निगम की वित्तीय स्थिरता और निर्णय लेने की शक्ति का केंद्र है।
चुनाव में मुकाबला त्रिकोणीय होने की उम्मीद है। एलडीएफ (LDF) ने नसरथु डिवीजन से पी.जे. येसुदास को उतारा है, जबकि भाजपा (BJP) ने त्रिक्वारनर्वट्टम से पहली बार पार्षद बनी जलजा एस. आचार्य को अपना प्रत्याशी बनाया है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
कोच्चि नगर निगम में कांग्रेस के भीतर विभिन्न गुटों के बीच सत्ता का बंटवारा एक पुरानी परंपरा रही है। पूर्व में, उप महापौर के पद को 'ए' और 'आई' गुटों के बीच दो-ढाई साल के कार्यकाल के आधार पर विभाजित किया गया था। यही व्यवस्था मेयर के पद के लिए भी लागू है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: वी.आर. सुधीर कौन हैं?
उत्तर: वी.आर. सुधीर एलामक्करा साउथ डिवीजन से चार बार के कांग्रेस पार्षद हैं।
प्रश्न 2: यह पद खाली क्यों था?
उत्तर: दीपक जोय के त्रिपुनितुरा से विधायक चुने जाने के बाद इस्तीफा देने के कारण यह पद खाली था।