विपक्ष के भारी हंगामे के बीच, लोकसभा ने पेपर लीक रोकने के लिए सख्त सजा वाला संशोधन विधेयक पारित कर दिया है। नए कानून के तहत अब दोषियों को 10 साल तक की जेल और भारी जुर्माना भुगतना होगा।
मुख्य बातें
- नया संशोधन विधेयक अब 10 साल तक की जेल और ₹50 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान करता है।
- सेवा प्रदाताओं पर जुर्माना ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ कर दिया गया है।
- NEET पेपर लीक मामले के बाद सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है।
- विपक्ष के शोर-शराबे के बीच विधेयक को मंजूरी दी गई।
नई दिल्ली: बुधवार को संसद के मानसून सत्र के दौरान, लोकसभा ने विपक्ष के भारी हंगामे और नारेबाजी के बीच लोक सेवा परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाना और पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई करना है।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन में जानकारी दी कि सरकार ने NEET पेपर लीक मामले में त्वरित कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि 2024 में एंटी-पेपर लीक कानून लागू होने के बाद से अब तक 52 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं। इस नए संशोधन के माध्यम से सरकार ने सजा की अवधि और जुर्माने की राशि में भारी वृद्धि की है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह संशोधन केवल सजा बढ़ाने के बारे में नहीं है, बल्कि यह परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं और उनके प्रबंधन की जवाबदेही तय करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। पहले जहां सेवा प्रदाताओं पर ₹1 करोड़ तक का जुर्माना लगता था, वहीं अब इसे बढ़ाकर ₹5 करोड़ कर दिया गया है।
यह संशोधन परीक्षा माफियाओं के लिए एक कड़ा संदेश है कि अब छात्र के भविष्य से खिलवाड़ करना बेहद महंगा पड़ेगा।
विधेयक के नए प्रावधानों के अनुसार, प्रबंधन और निदेशकों के लिए कारावास की अवधि को बढ़ाकर 10 वर्ष तक कर दिया गया है। साथ ही, प्रभारी कर्मियों के लिए भी सजा और जुर्माने के कड़े नियम बनाए गए हैं। जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार अनुभव से सीखने के लिए तैयार है और पेपर लीक से संबंधित मौतों की दर में भी कमी आई है।
तुलनात्मक विवरण: पुराना कानून बनाम नया संशोधन
| विवरण | पुराना कानून (2024) | नया संशोधन (2026) |
|---|---|---|
| अधिकतम जेल | 3 से 10 वर्ष | 5 से 10 वर्ष |
| प्रबंधन पर जुर्माना | ₹1 करोड़ तक | ₹5 करोड़ तक |
| सेवा प्रदाता जुर्माना | ₹1 करोड़ तक | ₹5 करोड़ तक |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. नए कानून के तहत अधिकतम सजा क्या है?
नए संशोधन के तहत दोषियों को 10 साल तक की जेल और ₹50 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
2. यह विधेयक क्यों लाया गया?
NEET जैसे बड़े स्तर के पेपर लीक मामलों को रोकने और परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करने के लिए इसे लाया गया है।