प्रयागराज में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने बेरोजगारी और पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार को घेरा, वहीं बीजेपी ने झारखंड के छात्रों का मुद्दा उठाकर उन पर निशाना साधा।
मुख्य बातें
- राहुल गांधी ने 40 करोड़ युवाओं को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया।
- बेरोजगारी, महंगी शिक्षा और पेपर लीक को युवाओं के लिए 'चक्रव्यूह' करार दिया।
- डेटा को 21वीं सदी का 'नया पेट्रोल' बताते हुए बड़ी कंपनियों पर सवाल उठाए।
- बीजेपी ने राहुल गांधी को प्रयागराज के बजाय रांची जाने की सलाह दी।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को प्रयागराज के केपी ग्राउंड में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में देश के युवाओं की ज्वलंत समस्याओं को उठाया। उन्होंने 40 करोड़ युवाओं को भारत की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि आज का युवा महंगी शिक्षा, घटते रोजगार और पेपर लीक के एक घातक चक्रव्यूह में फंसा हुआ है।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में 'दर्द, डेटा और दौलत' के त्रिकोण पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने तर्क दिया कि यदि भारत को वास्तव में विकसित बनना है, तो उसे अपनी युवा आबादी की ऊर्जा को आर्थिक अवसरों में बदलना होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान शिक्षा प्रणाली में डिग्री और नौकरी के बीच का संबंध टूट चुका है, जहाँ लाखों खर्च करने के बाद भी युवाओं के पास केवल एक कागज का टुकड़ा रह जाता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि राहुल गांधी का यह रुख सीधे तौर पर 'Gen-Z' मतदाताओं को लक्षित करने की एक सोची-समझी रणनीति है। डेटा और एआई (AI) के युग में, युवाओं की आकांक्षाओं और उनकी आर्थिक असुरक्षा के बीच का अंतर ही आगामी चुनावों का मुख्य मुद्दा बन सकता है।
"डेटा 21वीं सदी का कच्चा माल है, और यदि यह आम जनता के बजाय कुछ चुनिंदा कॉरपोरेट घरानों के पास केंद्रित है, तो यह आर्थिक असमानता को और गहरा करेगा।"
गांधी ने डेटा की तुलना 20वीं सदी के पेट्रोलियम से की। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीयों द्वारा उत्पन्न विशाल डेटा का लाभ जियो, अडानी, फेसबुक और गूगल जैसी बड़ी कंपनियां उठा रही हैं, जबकि आम युवा 'रील्स' देखने की लत में उलझा हुआ है। उन्होंने इसे '21वीं सदी की लत' करार दिया जो युवाओं को वास्तविक रोजगार से दूर रख रही है।
बीजेपी का पलटवार
वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने इस कार्यक्रम को कांग्रेस का 'दोहरा मापदंड' बताते हुए निशाना साधा। बीजेपी नेता अमित मालवीय और प्रवक्ता सीआर केसवन ने सवाल उठाया कि राहुल गांधी झारखंड के उन छात्रों से मिलने क्यों नहीं गए जो रांची में विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल कर रहे हैं। बीजेपी ने कहा कि उन्हें प्रयागराज के बजाय रांची जाना चाहिए था।
Frequently Asked Questions
1. 'छात्रों की गूंज' अभियान क्या है?
यह कांग्रेस का एक राष्ट्रव्यापी अभियान है जिसका उद्देश्य पेपर लीक, भर्ती अनियमितताओं और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को उठाना है।
2. राहुल गांधी ने डेटा की तुलना किससे की?
उन्होंने डेटा की तुलना 20वीं सदी के पेट्रोलियम (पेट्रोल) से की, जो एआई (AI) को चलाने के लिए आवश्यक है।