कांग्रेस ने NCP (SP) के सांसदों से प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर महिला आरक्षण अधिनियम को बिना किसी देरी के लागू करने की मांग करने का आग्रह किया है। पार्टी का कहना है कि इसे परिसीमन प्रक्रिया से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।

मुख्य बातें

  • कांग्रेस ने NCP (SP) सांसदों को प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक में महिला आरक्षण पर दबाव बनाने को कहा है।
  • पार्टी का स्पष्ट रुख है कि आरक्षण को परिसीमन (Delimitation) से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
  • NCP (SP) का प्रतिनिधिमंडल महाराष्ट्र के जल संकट और किसानों की समस्याओं पर भी चर्चा करेगा।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने रविवार को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम उठाते हुए NCP (SP) के सांसदों से आग्रह किया है कि वे सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान 'महिला आरक्षण अधिनियम' के तत्काल कार्यान्वयन की पुरजोर मांग करें।

AICC राष्ट्रीय सचिव सचिन सावंत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि INDIA गठबंधन का यह अटूट रुख है कि 2023 में पारित महिला आरक्षण विधेयक को तुरंत लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस ऐतिहासिक कानून को परिसीमन की प्रक्रिया से जोड़कर देरी करना स्वीकार्य नहीं है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि महिला आरक्षण का मुद्दा आगामी चुनावों और विधायी राजनीति में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है। यदि विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट रहता है, तो यह केंद्र सरकार पर दबाव बनाने का एक शक्तिशाली माध्यम बनेगा।

महिला आरक्षण को परिसीमन की शर्त से अलग करना राजनीतिक न्याय और लैंगिक समानता की दिशा में एक अनिवार्य कदम है।

NCP (SP) की सांसद सुप्रिया सुले ने पहले ही घोषणा की थी कि आठ सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री से महाराष्ट्र के जल संकट, किसानों की आत्महत्या और शहरीकरण की चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए मिलेगा। इसके अलावा, सुले ने राज्य सरकार द्वारा विकास निधि के उपयोग में आने वाली बाधाओं और FCRA संशोधन विधेयक 2026 पर भी चिंता व्यक्त की है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत में महिला आरक्षण का मुद्दा दशकों पुराना है। हालांकि 2023 में विधेयक पारित किया गया था, लेकिन इसके कार्यान्वयन को जनगणना और परिसीमन की प्रक्रियाओं से जोड़ दिया गया है, जिसे विपक्षी दल एक बाधा के रूप में देखते हैं।

क्या आप जानते हैं?: भारत में महिलाओं के लिए राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए दशकों से संघर्ष चल रहा है, जो अंततः 2023 के ऐतिहासिक विधेयक के रूप में सामने आया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. कांग्रेस की मुख्य मांग क्या है?
कांग्रेस चाहती है कि महिला आरक्षण अधिनियम को बिना किसी देरी के और बिना परिसीमन से जोड़े लागू किया जाए।

2. NCP (SP) का प्रतिनिधिमंडल किससे मिलने वाला है?
NCP (SP) के सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने वाले हैं।