मध्य प्रदेश के चित्रकूट में सड़कों के निर्माण में भारी भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप लगाते हुए भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार ने PWD अधिकारियों को फटकार लगाई। विधायक ने आरोप लगाया कि 1100 करोड़ के काम सिर्फ कागजों पर ही पूरे दिखाए जा रहे हैं।

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मुख्य बातें

  • भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार ने PWD अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोला।
  • 1100 करोड़ रुपये के सड़क निर्माण कार्यों में धांधली और घटिया निर्माण का आरोप।
  • विधायक के कड़े विरोध के बाद मझगवां के प्रभारी SDO को पद से हटाया गया।
  • सड़कें निर्माण के तुरंत बाद उखड़ने से जनता में भारी आक्रोश।

मध्य प्रदेश के चित्रकूट में विकास कार्यों की सुस्त रफ्तार और भ्रष्टाचार के आरोपों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। सतना जिले के चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार मंगलवार को भारी जनसमर्थन के साथ लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने विभाग की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोलते हुए अधिकारियों को जमकर आड़े हाथों लिया।

'विधायक की मृत्यु के बाद ही काम होगा?'

विधायक गहरवार ने बेहद भावुक और आक्रामक अंदाज में कहा कि विभाग के अधिकारी इतने लापरवाह हो चुके हैं कि ऐसा प्रतीत होता है कि या तो विधायक की मृत्यु हो जाए या उनका 5 साल का कार्यकाल समाप्त हो जाए, तभी सड़कों का निर्माण संभव होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों में चित्रकूट के लिए लगभग 1100 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों की मंजूरी दी गई थी, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है।

विधायक ने मुख्य अभियंता पंकज खड़ारे के सामने यह गंभीर मुद्दा उठाया कि कई सड़कें निर्माण के कुछ ही समय बाद उखड़ने लगी हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई विकास कार्यों को केवल कागजों पर ही पूरा दिखाया जा रहा है, जबकि धरातल पर कोई काम नहीं हुआ है।

बोजोकमीडिया विश्लेषण: भ्रष्टाचार और जवाबदेही की कमी

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक स्थानीय समस्या नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक जवाबदेही की कमी का एक बड़ा उदाहरण है। जब करोड़ों रुपये के बजट के बावजूद बुनियादी ढांचा (Infrastructure) चरमरा जाए, तो यह सीधे तौर पर निगरानी तंत्र की विफलता को दर्शाता है।

"जब जनप्रतिनिधि ही अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाने लगे, तो समझ लीजिए कि सिस्टम में भ्रष्टाचार की जड़ें काफी गहरी हो चुकी हैं।"

विभाग ने लिया त्वरित एक्शन

विधायक के भारी विरोध और आक्रोश को देखते हुए PWD विभाग ने तत्काल कार्रवाई की। मुख्य अभियंता के निर्देश पर मझगवां के प्रभारी SDO अश्वनी निगम को उनके पद से हटा दिया गया है और उनके स्थान पर नए सहायक इंजीनियर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग ने आश्वासन दिया है कि सभी शिकायतों की जांच कर जल्द समाधान किया जाएगा।

क्या आप जानते हैं?: भारत में सड़क निर्माण के लिए आवंटित बजट का एक बड़ा हिस्सा अक्सर रखरखाव (Maintenance) के बजाय केवल नए निर्माण में खर्च कर दिया जाता है, जिससे सड़कों की उम्र कम हो जाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. विधायक ने PWD अधिकारियों पर क्या आरोप लगाए?
विधायक ने 1100 करोड़ के सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार, घटिया सामग्री के उपयोग और कागजों पर फर्जी काम दिखाने का आरोप लगाया।

2. विधायक के विरोध के बाद क्या कार्रवाई हुई?
विभागीय अधिकारियों के दबाव में आकर मझगवां के प्रभारी SDO को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है।