एपीसीसी अध्यक्ष वाईएस शर्मिला ने आंध्र प्रदेश सरकार के 10.7% विकास दर के दावों को चुनौती दी है, और बेरोजगारी एवं कृषि संकट का मुद्दा उठाया है।
मुख्य बातें
- वाईएस शर्मिला ने सरकार के 10.7% आर्थिक विकास दर के आंकड़ों को भ्रामक बताया।
- बेरोजगारी, कृषि संकट और कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरा।
- पोलावरम परियोजना और बिजली दरों में विसंगतियों पर सवाल उठाए।
- लाखों करोड़ के निवेश के दावों पर विस्तृत विवरण मांगा।
आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) की अध्यक्ष वाईएस शर्मिला ने बुधवार को राज्य सरकार द्वारा घोषित आर्थिक विकास दर पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने सरकार के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि 2025-26 की दूसरी तिमाही में राज्य ने 10.7% की विकास दर हासिल की है। शर्मिला ने आरोप लगाया कि इन आंकड़ों का उपयोग वास्तविक विफलताओं को छिपाने और जनता को गुमराह करने के लिए किया जा रहा है।
शर्मिला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की आलोचना करते हुए कहा कि राज्य का राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन करना केवल आत्मप्रशंसा है। उन्होंने तर्क दिया कि जमीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत है, जहां बेरोजगारी का स्तर ऊंचा बना हुआ है और किसान अपनी उपज के लिए लाभकारी मूल्य पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
क्यों यह महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि राज्य के आर्थिक आंकड़ों और वास्तविक जन-जीवन के बीच का अंतर राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील है। जब सरकार विकास के बड़े आंकड़े पेश करती है, तो विपक्ष का काम उन आंकड़ों की विश्वसनीयता और उनके वितरण (distribution of wealth) पर सवाल उठाना होता है।
आर्थिक विकास के आंकड़े तब तक अर्थहीन हैं जब तक कि उनका लाभ समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति तक न पहुंचे।
इसके अलावा, शर्मिला ने पोलावरम परियोजना पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि बांध की ऊंचाई को घटाकर 41.5 मीटर करने का प्रस्ताव परियोजना के मूल उद्देश्यों को नुकसान पहुंचाएगा और किसानों को प्रभावित करेगा। उन्होंने बिजली दरों में कमी के सरकारी दावों पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि उपभोक्ताओं पर अभी भी पुराने शुल्क लगाए जा रहे हैं।
निवेश के मुद्दे पर, उन्होंने सरकार से उन परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी मांगी है जिनके माध्यम से पिछले दो वर्षों में लाखों करोड़ रुपये का निवेश आने का दावा किया गया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से पूछा कि इनमें से कितनी परियोजनाएं वास्तव में धरातल पर शुरू हो चुकी हैं और उनके लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा क्या उपलब्ध कराया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. वाईएस शर्मिला ने सरकार के किन आंकड़ों को चुनौती दी है?
शर्मिला ने सरकार के 10.7% आर्थिक विकास दर के दावे को चुनौती दी है।
2. पोलावरम परियोजना को लेकर क्या विवाद है?
विवाद बांध की ऊंचाई को 41.5 मीटर तक कम करने के प्रस्ताव को लेकर है, जिसे शर्मिला ने किसानों के लिए हानिकारक बताया है।