चंडीगढ़ में बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई। कौमी इंसाफ मोर्चा के कार्यकर्ताओं के राजभवन मार्च के दौरान पुलिस ने आंसू गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।

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मुख्य बिंदु

  • बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा ने राजभवन की ओर मार्च किया।
  • पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले और वॉटर कैनन का प्रयोग किया।
  • पूर्व सांसद सिमरनजीत सिंह मान को घायल मरीज का भेष बदलकर राजभवन पहुंचने पर हिरासत में लिया गया।
  • प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच पथराव की भी खबरें आईं।

चंडीगढ़: पंजाब के चंडीगढ़ में शनिवार को बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। कौमी इंसाफ मोर्चा के कार्यकर्ताओं द्वारा पंजाब राजभवन की ओर किए गए मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हुई। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने और वॉटर कैनन का सहारा लेना पड़ा।

सिमरनजीत सिंह मान की नाटकीय गिरफ्तारी

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान एक नाटकीय घटनाक्रम सामने आया। शिरोमणि अकाली दल के नेता और पूर्व सांसद सिमरनजीत सिंह मान, घायल मरीज का भेष बनाकर राजभवन के करीब पहुंचे। उन्होंने चेहरे पर पट्टियां बांध रखी थीं ताकि उन्हें पहचाना न जा सके, लेकिन सतर्क चंडीगढ़ पुलिस ने उनकी पहचान कर ली और उन्हें मौके पर ही हिरासत में ले लिया।

क्यों हो रहा है विरोध?

प्रदर्शनकारी उन सिख कैदियों की रिहाई की मांग कर रहे हैं जो लंबे समय से जेलों में बंद हैं। इनमें जगतार सिंह हवारा, बलवंत सिंह राजोआना, जगतार सिंह तारा और परमजीत सिंह भ्योरा जैसे नाम शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि ये सभी अपनी सजा पूरी कर चुके हैं, लेकिन फिर भी उन्हें रिहा नहीं किया जा रहा है।

BozokMedia विश्लेषण: क्यों महत्वपूर्ण है यह घटना?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह घटना पंजाब की संवेदनशील राजनीतिक स्थिति को दर्शाती है। बंदी सिखों की रिहाई का मुद्दा न केवल कानूनी है, बल्कि यह धार्मिक और राजनीतिक भावनाओं से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। राजभवन के पास हुई यह हिंसा आगामी राजनीतिक हलचल का संकेत दे सकती है।

कानून व्यवस्था और प्रदर्शनकारियों के अधिकारों के बीच का यह टकराव पंजाब में बढ़ते सामाजिक तनाव का प्रतिबिंब है।
क्या आप जानते हैं?: कौमी इंसाफ मोर्चा पिछले तीन वर्षों से मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पर लगातार धरना दे रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. प्रदर्शनकारी किन कैदियों की रिहाई की मांग कर रहे हैं?
प्रदर्शनकारी जगतार सिंह हवारा, बलवंत सिंह राजोआना और जगतार सिंह तारा सहित कई अन्य सिख कैदियों की रिहाई की मांग कर रहे हैं।

2. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए?
पुलिस ने बैरिकेड्स लगाए, वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे।