मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर घोषणा की कि मध्य प्रदेश में जल्द ही समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी। यह कदम सामाजिक समानता लाने और भेदभाव खत्म करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।

मुख्य बातें

  • मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का निर्णय।
  • बहुविवाह पर प्रतिबंध और लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य।
  • आदिवासी समुदायों को UCC के दायरे से बाहर रखा गया है।
  • राज्य अब नक्सल मुक्त हो चुका है।

भोपाल: स्वतंत्रता दिवस 2026 के पावन अवसर पर, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लाल परेड ग्राउंड में ध्वजारोहण के बाद एक ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश सरकार राज्य में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) लागू करने की दिशा में तेजी से बढ़ रही है। विधानसभा द्वारा बिल पारित होने के बाद, यह कानून राज्य के सामाजिक ढांचे को बदलने वाला साबित होगा।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह कदम भारतीय संविधान की मूल भावना के अनुरूप है। उन्होंने 'एक राष्ट्र, एक संविधान, एक प्रधान और एक ध्वज' के विचार को धरातल पर उतारने की बात कही। यादव के अनुसार, UCC का उद्देश्य भेदभावपूर्ण प्रथाओं को समाप्त करना, सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना और महिलाओं को अन्याय से बचाना है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि मध्य प्रदेश का यह निर्णय देश के अन्य राज्यों के लिए एक मिसाल बन सकता है। UCC के माध्यम से व्यक्तिगत कानूनों के बजाय एक समान कानून लागू करने से कानूनी जटिलताएं कम होंगी। हालांकि, विपक्ष ने इस पर विरोध जताया है, लेकिन सरकार इसे समानता की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम मान रही है।

समान नागरिक संहिता न केवल कानूनी समानता लाएगी, बल्कि सामाजिक न्याय की नींव को भी मजबूत करेगी।

UCC बिल, 2026 के प्रमुख प्रावधानों में बहुविवाह (Polygamy) पर पूर्ण प्रतिबंध और लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य करना शामिल है। हालांकि, सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि जनजातीय समुदायों की विशिष्ट परंपराओं का सम्मान करते हुए उन्हें इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत में UCC की बहस दशकों पुरानी है। संविधान के अनुच्छेद 44 में राज्य को पूरे देश में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। मध्य प्रदेश इस दिशा में कदम उठाने वाला अग्रणी राज्यों में से एक बन गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. क्या UCC का प्रभाव आदिवासियों पर पड़ेगा?
नहीं, मुख्यमंत्री के अनुसार आदिवासी समुदायों को इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है।

2. UCC लागू होने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य भेदभाव को समाप्त करना और सभी नागरिकों के लिए समान कानून सुनिश्चित करना है।

क्या आप जानते हैं?: मध्य प्रदेश ने हाल ही में 4.38 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10% अधिक है।