पाला नगर पालिका में उपाध्यक्ष पद के दावे को लेकर कांग्रेस के विद्रोही पार्षदों के बीच मतभेद गहरा गए हैं। इस खींचतान ने विपक्ष के साथ उनके संभावित गठबंधन को संकट में डाल दिया है।

मुख्य बातें

  • उपाध्यक्ष पद के बंटवारे को लेकर कांग्रेस विद्रोहियों में असहमति।
  • विद्रोही समूह और केरल कांग्रेस (M) के बीच गठबंधन की कोशिशें बाधित।
  • जिला कांग्रेस कमेटी विद्रोहियों को अयोग्य घोषित करने की तैयारी में।

पाला, कोट्टायम: पाला नगर पालिका में नए अध्यक्ष के चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। कांग्रेस के विद्रोही पार्षदों के बीच उपाध्यक्ष पद को लेकर उत्पन्न हुए मतभेदों ने उनके द्वारा विपक्षी गुट के साथ बनाए जाने वाले संभावित गठबंधन में दरार पैदा कर दी है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, विद्रोहियों का एक गुट चाहता है कि अध्यक्ष के साथ-साथ उपाध्यक्ष पद पर भी एक स्पष्ट समझौता किया जाए। उन्होंने इस संबंध में केरल कांग्रेस (M) को एक पत्र भी तैयार किया है, लेकिन समूह के अन्य सदस्य इस पत्र पर हस्ताक्षर करने को तैयार नहीं हैं। इससे पहले, विद्रोही समूह ने मौजूदा उपाध्यक्ष माया राहुल को अध्यक्ष पद के लिए मैदान में उतारने पर सहमति जताई थी।

क्यों महत्वपूर्ण है यह घटनाक्रम?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह संघर्ष केवल एक पद के लिए नहीं, बल्कि स्थानीय राजनीति में वर्चस्व की लड़ाई है। यदि विद्रोही गुट बिखरता है, तो LDF और UDF का संयुक्त गठबंधन और भी मजबूत हो सकता है, जिससे कांग्रेस के लिए स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो जाएगी।

सत्ता के समीकरणों में मामूली बदलाव भी स्थानीय निकाय चुनावों के परिणाम को पूरी तरह पलट सकता है।

इस बीच, जिला कांग्रेस कमेटी ने कड़ा रुख अपनाते हुए चार विद्रोही पार्षदों को अयोग्य घोषित करने के लिए याचिका दायर करने की योजना बनाई है। हालांकि, समीकरणों के बदलने के कारण लिस्सिकुट्टी मैथ्यू और बीजू मैथ्यूज जैसे कुछ सदस्यों के वापस कांग्रेस में लौटने की भी संभावना जताई जा रही है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

यह पूरा विवाद 2 जुलाई को शुरू हुआ था, जब LDF ने अविश्वास प्रस्ताव लाकर UDF समर्थित अध्यक्ष दिया बिनु पुलिक्कांडम को पद से हटा दिया था। उस प्रस्ताव में चार कांग्रेस पार्षदों और माया राहुल का समर्थन प्राप्त था।

क्या आप जानते हैं?: पाला नगर पालिका में कुल 26 सीटें हैं, जिनमें से वर्तमान में LDF-UDF गठबंधन के पास 15 सीटों का बहुमत है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: पाला में अध्यक्ष का चुनाव क्यों आवश्यक हुआ?
उत्तर: अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से पूर्व अध्यक्ष को हटाने के बाद नया चुनाव अनिवार्य हो गया है।

प्रश्न 2: कांग्रेस विद्रोहियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है?
उत्तर: जिला कांग्रेस कमेटी उन्हें अयोग्य घोषित करने के लिए कानूनी याचिका दायर कर रही है।