नासा के प्रथम स्पेसफ्लाइट अनिल मेनन, रूसी अंतरिक्षयात्री प्योत्र दुब्रोव और अन्ना किकिना के साथ 14 जुलाई को कज़ाख़स्तान से सॉयुज MS‑29 के जरिए अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए प्रक्षेपण करेंगे। NASA आधिकारिक वेबसाइट और यूट्यूब पर लाइव कवरेज प्रदान करेगा।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- अनिल मेनन का पहला अंतरिक्ष मिशन सॉयुज MS‑29 के साथ.
- प्रक्षेपण 14 जुलाई को बायकोनूर कोसमोड्रोम से, लाइव स्ट्रीमिंग उपलब्ध.
- ISS पर मौजूदा सात सदस्यीय टीम में नए वैज्ञानिक प्रयोग जोड़ेंगे.
नासा के अंतरिक्षयात्री अनिल मेनन ने 2021 की चयनित कक्षा में शामिल होने के बाद अपना पहला अंतरिक्ष यात्रा करने के लिए तैयार हैं। वह रूसी अंतरिक्षयात्री प्योत्र दुब्रोव और अन्ना किकिना के साथ सॉयुज MS‑29 मिशन में बायकोनूर कोसमोड्रोम, कज़ाख़स्तान से 14 जुलाई को 10:47 am EDT (8:17 pm IST) को लिफ़्ट‑ऑफ़ करेंगे।
लॉन्च लाइव कैसे देखें
NASA ने आधिकारिक वेबसाइट और यूट्यूब चैनल पर 9:45 am EDT (7:15 pm IST) से लाइव कवरेज शुरू करने की घोषणा की है। दर्शक रीयल‑टाइम टेलीस्ट्रीम, काउंटडाउन और विशेषज्ञ टिप्पणी के साथ अंतरिक्ष यान के प्रक्षेपण को देख सकेंगे।
ISS तक पहुँचना और डॉकिन्ग प्रक्रिया
सॉयुज यान दो पृथ्वी कक्षा चक्र में तेज़ यात्रा कर ISS तक पहुंचेगा, जिससे डॉकिन्ग लगभग 1:56 pm EDT (11:26 pm IST) पर होगा। डॉकिन्ग के बाद, सुरक्षा जांच के बाद हैच खोलने की प्रक्रिया अपेक्षित है, जिससे नई टीम ISS पर प्रवेश करेगी।
ISS पर मौजूदा दल और वैज्ञानिक मिशन
ISS पर पहले से ही सात सदस्यीय एक्सपेडिशन टीम मौजूद है, जिसमें नासा की जेसिका मायर, जैक हेवाथ और क्रिस विलियम्स, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की सोफ़ी एडेनोट तथा रोस्कॉसमोस के सेर्गेई कुद‑सवर्चकोव, सेर्गेई मिकाएव और एंड्रे फेड्याएव शामिल हैं। अनिल मेनन लगभग आठ महीने तक विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे, जैसे माइक्रोग्रैविटी में अर्द्धचालक क्रिस्टल उत्पादन, अल्ट्रासाउंड इमेजिंग में ऑगमेंटेड रियलिटी और एआई का उपयोग, जिससे भविष्य के गहरे अंतरिक्ष मिशनों में चिकित्सा समर्थन की आवश्यकता घटेगी।
रूसी अंतरिक्षयात्री का इतिहास और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग
डुब्रोव 2021‑2022 में लगभग एक साल तक ISS पर रहे थे, जबकि किकिना 2022 में स्पेसएक्स के क्रू‑5 मिशन के माध्यम से अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचे थे, जिससे वह निजी अमेरिकी अंतरिक्ष यान में सवार पहली रूसी बनीं। इस मिशन से नासा‑रोस्कॉसमोस के बीच सीट‑स्वैप समझौतों की निरंतरता दिखती है, जो अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की सतत संचालन को सुनिश्चित करती है।