शिवमोग्गा के ट्यावारेकोप्पा टाइगर एंड लायन सफारी में बाघनी पूर्निमा के व्यवहार को मनोवैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में एक एम.एससी. छात्र ने अपने शोध प्रबंध के भाग के रूप में अध्ययन किया। इस सहयोग ने बाघनी के तनाव में कमी और अनुकूलन में उल्लेखनीय सुधार दिखाया।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- पूर्निमा की आक्रामकता में उल्लेखनीय कमी
- विज्ञान‑मुख्य पद्धति से बाघनी का सफल अनुकूलन
- शैक्षणिक‑जैविक सहयोग का भविष्य में संरक्षण पर प्रभाव
शिवमोग्गा ज़ू के ट्यावारेकोप्पा टाइगर एंड लायन सफारी ने 2025 में मनोवैज्ञानिकों के साथ मिलकर बाघनी पूर्निमा के व्यवहार का विस्तृत अध्ययन किया। यह पहल स्थानीय कॉलेज, कटेएल अशोक पाई मेमोरियल कॉलेज (KAPMC) के एम.एससी. मनोविज्ञान छात्र अनिकेतना एस. और उनके मार्गदर्शक प्रो. तेजेश्वर धनंजय द्वारा संचालित हुई।
पृष्ठभूमि
पूर्निमा को बंधीपुर टाइगर रिज़र्व में मानव‑पशु संघर्ष के बाद बचाया गया था। शुरुआती दिनों में वह आगंतुकों और देखभाल कर्मियों के निकट आते ही घिनौना व्यवहार, चिल्लाना, काँच की दीवार पर कूदना और घूरना दिखाती थी। इस कारण ज़ू प्रबंधन ने एक व्यवहारिक समाधान की तलाश की, जिससे बाघनी को तनाव‑रहित वातावरण मिल सके।
अध्ययन की विधि
अनिकेतना ने अपने थीसिस प्रोजेक्ट के हिस्से के रूप में दो महीने तक पूर्निमा का निरंतर अवलोकन किया। प्रो. धनंजय, जो प्राइमेटोलॉजिस्ट मेवा सिंह के शिष्य हैं, ने प्रणालीगत डीसेंसिटाइज़ेशन और एक्सपोज़र थैरेपी को लागू किया। प्रारंभ में छात्र और मार्गदर्शक दूरी बनाए रखते हुए बाघनी को देखते रहे, फिर धीरे‑धीरे दूरी घटाते गए, जिससे बाघनी का तनाव स्तर क्रमशः घटता गया।
परिणाम और प्रभाव
अध्ययन के अंत में पूर्निमा ने स्पष्ट रूप से आक्रामक व्यवहार में कमी और अधिक शांति से रहने की प्रवृत्ति दिखाई। वह अब काँच की दीवार को नहीं मारती, न ही आगंतुकों के पास आने पर गड़गड़ाती। इस सकारात्मक परिवर्तन ने ज़ू के बायोलॉजिस्ट और नेचरिस्ट को संकेत दिया कि मनोवैज्ञानिक उपकरणों के प्रयोग से वन्यजीवों के कल्याण में सुधार संभव है।
भविष्य की दिशा
ज़ू के कार्यकारी निर्देशक वी.एम. अमराक्षर ने कहा कि इस अध्ययन की सफलता को देखते हुए भविष्य में और अधिक शैक्षणिक‑जैविक सहयोग की योजना है। इस प्रकार का बहु‑विषयक अनुसंधान न केवल जंगली जानवरों की जीवन गुणवत्ता बढ़ाता है, बल्कि संरक्षण विज्ञान में नई कार्यप्रणालियों को भी प्रेरित करता है।