फिफा विश्व कप के राउंड ऑफ 16 में अर्जेंटीना ने मिस्र को 3-2 से हराया, लेकिन VAR और रेफ़री के फैसलों को लेकर इंग्लैंड के पूर्व स्टार एलन शियरर ने तीखा इज़हार किया। उन्होंने इसे "पूरी तरह से बकवास" कहा और खेल की निष्पक्षता पर सवाल उठाया।

फिफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में अर्जेंटीना ने मिस्र को 3-2 से उल्टा जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। मैच के अंतिम मिनटों में अर्जेंटीना ने तीन गोल कर ली, जबकि मिस्र 2-0 की बढ़त पर था। इस जीत को लेकर कई विवाद उत्पन्न हुए, विशेषकर VAR (वीडियो असिस्टेंट रेफ़री) और मुख्य रेफ़री फ्रांस्वा लेटेक्सिएर के निर्णयों को लेकर।

मैच का सारांश और विवादित क्षण

मैच की शुरुआत में अर्जेंटीना ने शुरुआती गोल किया, परंतु 70वें मिनट के बाद मिस्र ने मोस्तफ़ा ज़िकी के गोल से 2-0 की बढ़त बना ली। ज़िकी का गोल VAR द्वारा जाँच के बाद रद्द कर दिया गया, क्योंकि रेफ़री ने कहा कि मोरक्को पेनल्टी बॉक्स के पास लिसांद्रा मार्टिनेज पर फाउल हुआ था। इस निर्णय ने मिस्र को बड़ा झटका दिया और खेल के प्रवाह को बदल दिया।

एलन शियरर की तीखी प्रतिक्रिया

पूर्व इंग्लैंड स्ट्राइकर एलन शियरर ने "The Rest Is Football" पॉडकास्ट में इस निर्णय को "पूरी तरह से बकवास" कहकर निंदा किया। उन्होंने कहा, "अगर यह फाउल है तो आप 110 यार्ड पीछे जाकर इसे फाउल मानते हैं और टूरनामेंट का एक बेहतरीन गोल रद्द कर देते हैं।" शियरर ने रेफ़री के निर्णय को स्पष्ट और स्पष्ट फाउल न मानने के लिए भी आलोचना की।

जो कोल और अन्य दिग्गजों की राय

चेल्सी के पूर्व खिलाड़ी जो कोल ने भी कहा कि यह एक नरम फाउल था, परन्तु उन्होंने "बड़ी टीमों के प्रति अचेतन पक्षपात" का उल्लेख किया। कोल ने कहा, "हर कोई अर्जेंटीना और मेसी को पसंद करता है, और यही कारण है कि छोटे फाउल को नजरअंदाज किया गया।" यह टिप्पणी फुटबॉल समुदाय में व्यापक चर्चा का कारण बनी।

FIFA का बचाव

FIFA के मुख्य रेफ़री अधिकारी पियेरलुईगी कोलिना ने अधिकारियों की स्वतंत्रता और निष्पक्षता की रक्षा की। उन्होंने कहा, "कोई भी FIFA रेफ़री को प्रभावित नहीं कर सकता, यहाँ तक कि FIFA अध्यक्ष भी नहीं। मैच अधिकारी ईमानदारी से निर्णय लेते हैं और हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश करते हैं।" यह बयान विवाद के बीच भी आधिकारिक तौर पर स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास था।

भविष्य के टूर्नामेंट पर संभावित प्रभाव

VAR के उपयोग और रेफ़री के निर्णयों पर इस तरह की तीखी आलोचना भविष्य में तकनीकी सुधारों की मांग को और तेज़ कर सकती है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि VAR की समीक्षा प्रक्रिया को तेज़ और पारदर्शी बनाना आवश्यक है, ताकि खेल की निष्पक्षता पर भरोसा बना रहे। साथ ही, प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों को भी इस नई तकनीक के साथ तालमेल बिठाने की जरूरत है।

समग्र रूप से, अर्जेंटीना की जीत ने फुटबॉल के प्रशंसकों को रोमांचित किया, परन्तु VAR और रेफ़री के निर्णयों ने खेल की निष्पक्षता पर गहरा सवाल उठाया। यह घटना भविष्य में तकनीकी प्रोटोकॉल और आधिकारिक निर्णयों की पारदर्शिता को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता को उजागर करती है।