इज़राइल के प्रधानमंत्री बेनजामिन नेतन्याहू ने अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जावियर मिलेई के कारण 2026 फ़िफा विश्व कप में अर्जेंटीना को जीतते देखना चाहते हैं, मेस्सी नहीं। यह बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति और खेल के मिलन को दर्शाता है।
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेनजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में स्पष्ट किया कि वे 2026 फ़िफा विश्व कप में अर्जेंटीना को विजेता बनते देखना चाहते हैं, लेकिन यह कारण लियोनेल मेस्सी नहीं, बल्कि अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जावियर मिलेई है। इस बयान ने खेल जगत और कूटनीतिक परिप्रेक्ष्य दोनों में हलचल मचा दी।
पॉडकास्ट में स्पष्ट उत्तर
इज़राइल के कॉमेडियन बेन बेन बारुच के होस्ट किए गए “द मोजो पॉडकास्ट” में जब होस्ट ने पूछा, “मेस्सी?” तो नेतन्याहू ने तुरंत जवाब दिया, “नहीं, मेस्सी से पहले मिलेई। वह एक सुपरस्टार है।” उन्होंने मिलेई को “फ़्री इकोनॉमी अपनाने वाला सुपरस्टार” कहा और इज़राइल के मित्र के रूप में उसकी भूमिका को सराहा।
मिलेई‑इज़राइल संबंधों की पृष्ठभूमि
जावियर मिलेई ने 2023 में राष्ट्रपति पद संभालते ही इज़राइल के प्रति अपना समर्थन स्पष्ट किया, विशेषकर मध्य पूर्व में इज़राइल की सुरक्षा नीतियों को मानते हुए। इस समर्थन ने दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को तेज किया, जिससे इज़राइल के नेता ने सार्वजनिक रूप से इस मित्रता को सराहा।
खेल के मंच पर राजनीतिक संकेत
अर्जेंटीना 2026 विश्व कप में डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में प्रवेश कर चुका है, और लियोनेल मेस्सी की उम्र बढ़ने के बावजूद टीम का प्रमुख चेहरा बना हुआ है। फिर भी, नेतन्याहू ने इस मंच को अपनी विदेश नीति का विस्तार करने का अवसर माना, यह दर्शाते हुए कि अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन अक्सर कूटनीतिक संदेशों को प्रसारित करने का साधन बनते हैं।
भविष्य की संभावनाएँ
यदि अर्जेंटीना जीतता भी है, तो यह इज़राइल‑अर्जेंटीना संबंधों को नई ऊँचाइयों पर ले जा सकता है, विशेषकर आर्थिक सुधार और तकनीकी सहयोग के क्षेत्रों में। दूसरी ओर, यह बयान इज़राइल के विदेश नीति में नई दिशा का संकेत दे सकता है, जहाँ खेल को राजनयिक जुड़ाव के एक उपकरण के रूप में देखा जा रहा है।
समग्र रूप से, नेतन्याहू का यह बयान इस बात को उजागर करता है कि आज के वैश्विक परिदृश्य में राष्ट्रीय खेल टीमों की सफलता को अक्सर राजनयिक उद्देश्यों से जोड़ा जाता है।