विश्व कप 2026 के राउंड‑ऑफ‑16 मैच में मिस्र के खिलाफ विवादास्पद निर्णयों के बाद फ्रांस्वा लेटेक्सियर पर मिस्र फुटबॉल महासंघ ने शिकायत की। फिफा ने उसकी योग्यता को बरकरार रखते हुए उसे आगे के मैचों से हटाने से इनकार किया।

राउंड‑ऑफ‑16 में अर्जेंटीना और मिस्र के बीच हुए मैच के बाद, फ्रांस्वा लेटेक्सियर, एक फ्रेंच रेफरी, को मिस्र की टीम द्वारा हटाने की माँग की गई। यह विवाद उसी समय उभरा जब उसने एक मिस्र गोल को रद्द किया, पेनल्टी को खारिज किया और कोच को लाल कार्ड दिखाया।

दोहरी पहचान वाला रेफरी

लेटेक्सियर का दूसरा पेशा एक हुइसीयर डे जस्टिस (बैलिफ) है, जो फ्रेंच कानूनी व्यवस्था में नोटिस और निष्पादन कार्य करता है। किराये के विवाद और बेदखली के मामलों में उसकी भूमिका अक्सर लोगों को असहज कर देती है। वह बताता है कि फुटबॉल के तीव्र भावनात्मक माहौल और उसके कानूनी कार्य में समान चुनौतियाँ हैं, जिससे वह दोनों करियर को एक-दूसरे के पूरक मानता है।

मिस्र की शिकायत और फिफा का जवाब

मिस्र के फेडरेशन अध्यक्ष ने आधिकारिक शिकायत दर्ज की, जिसमें रेफरी को शेष टूर्नामेंट से हटाने की माँग की गई। इसके बावजूद, फिफा के रेफरी प्रमुख पियरलुइगी कोलिना ने कहा कि “किसी भी मैच अधिकारी की अखंडता पर सवाल उठाना अनावश्यक और हानिकारक है” और चेतावनी दी कि ऐसे आरोप रेफरी और उनके परिवारों पर धमकी डाल सकते हैं।

भविष्य के मैचों पर अनिश्चितता

फिफा ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि लेटेक्सियर को अगला मैच सौंपा जाएगा या नहीं। परंपरा के अनुसार, ऐसे रेफरी को अक्सर आगे के खेलों से हटाया जाता है, जैसे 2002 विश्व कप में बेयोन मोरेनो के साथ हुआ। हालांकि, 2024 में IFFHS ने लेटेक्सियर को विश्व का सर्वश्रेष्ठ रेफरी घोषित किया, और वह 37 वर्ष का है।

पिछले संघर्षों की याद

2015 के नाइस मैच में एक विवादित पेनल्टी और दो लाल कार्ड के कारण लेटेक्सियर को मौत की धमकियाँ मिली थीं। इस अनुभव ने उसे यह समझने में मदद की कि निर्णयों का असर कैसे होता है। वह अब भी यह महसूस करता है कि चाहे वह अदालत के दरवाज़े पर दस्तक दे या मैदान पर पेनल्टी पर निर्णय, सही कागजी कार्रवाई की महत्ता समान है।

इस विवाद ने यह स्पष्ट कर दिया है कि विश्व कप में रेफरी का चयन और उनके निर्णयों पर सार्वजनिक राय का कितना प्रभाव पड़ता है। फिफा के लिए यह एक संतुलन का खेल है – निष्पक्षता को बनाए रखने के साथ-साथ रेफरी की सुरक्षा और प्रतिष्ठा की रक्षा भी करनी है।