हिन्दुस्तान टाइम्स के साथ साक्षात्कार में ग्रैंडमास्टर विदित गुज़राठी ने अपने शतरंज करियर की असंतुष्टि, एआई‑आधारित टूल ‘Kibitz’ की रचना और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की। यह लेख उनके तकनीकी सफर का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
बेंगलुरु से आए 31 वर्षीय ग्रैंडमास्टर विदित गुज़राठी ने हाल ही में एआई‑आधारित शतरंज टूल Kibitz को सार्वजनिक किया, जिससे शतरंज प्रसारण और विश्लेषण में नई संभावनाएँ खुल रही हैं। एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने दो मोबाइल और वेब‑ऐप विकसित किए – एक ब्लाइंडफ़ोल्ड शतरंज के लिए और दूसरा वास्तविक टूर्नामेंट पोजीशन पर आधारित पज़ल‑सॉल्वर।
शतरंज में एआई का इतिहास
शतरंज खिलाड़ियों ने एआई के उदय को पहले ही महसूस किया था। 1997 में आईबीएम के Deep Blue ने गैरी कास्पारोव को हराया, जिससे मशीन लर्निंग और खेल रणनीति के बीच गहरा संबंध स्थापित हुआ। उस दशक के बाद से एआई ने लगातार प्रगति की, और आज के बड़े भाषा मॉडल (LLM) जैसे GPT‑4 या LLaMA ने शतरंज विश्लेषण को नई परत दी है।
किबिट्ज़: ग्रैंडमास्टर की सोच को मॉडल करना
गुज़राठी ने बताया कि NVIDIA के X प्लेटफ़ॉर्म पर आयोजित एक हैकाथॉन में भाग लेने के बाद उन्होंने Kibitz का प्रोटोटाइप तैयार किया। उनका लक्ष्य था एक ऐसा मॉडल बनाना जो न केवल सबसे संभावित चालों की भविष्यवाणी करे, बल्कि ग्रैंडमास्टर की “मानव‑पक्षीय” सोच को दर्शाए। वर्तमान में टूल की पहली चाल की सटीकता 56 % है, जबकि पहले तीन चालों के लिए यह 86 % तक पहुंच गई है।
शिक्षा और स्व‑अध्ययन
गुज़राठी ने कहा कि उनका तकनीकी ज्ञान स्व‑अध्ययन से आया है – ब्लॉग, यूट्यूब वीडियो और शोध पत्रों की मदद से। उन्होंने OpenAI के सह‑संस्थापक एंड्रेज़ कार्पथी और Y Combinator के संस्थापक पॉल ग्रैहम जैसे विशेषज्ञों की सलाह को अपनाया। इस तरह उन्होंने एआई मॉडलों को समझकर अपने खुद के प्रयोगशाला जैसा माहौल बनाया।
भविष्य की दिशा
वर्तमान में Kibitz को लाइव टूरनीमेंट डेटा पर परीक्षण किया गया है, जहाँ इसे 60 % सटीकता मिली। गुज़राठी का लक्ष्य है इसे बड़े डेटासेट में लागू कर अधिक सटीकता हासिल करना और शतरंज प्रसारण में एआई टिप्पणी को एक मानक बनाना। यदि यह सफल रहा, तो शतरंज दर्शकों को खेल की गहरी समझ और रणनीतिक अंतर्दृष्टि मिल सकती है, जिससे शतरंज की लोकप्रियता में नई उछाल आएगा।