फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैंटो ने कहा कि 2026 के बाद 64 टीमों वाले विश्व कप का विस्तार संभावित है। उन्होंने इस मुद्दे को समिति स्तर पर आगे जांचने का इशारा किया, जबकि लॉजिस्टिक और मेजबान देशों की क्षमता चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • 2026 विश्व कप 48 टीमों के साथ समाप्त होगा
  • इन्फैंटो ने 64‑टीम विस्तार पर भविष्य में चर्चा का संकेत दिया
  • विस्तार से होस्ट देशों की संख्या और लॉजिस्टिक चुनौतियां बढ़ सकती हैं

फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैंटो ने स्विट्ज़रलैंड की टेलीविज़न चैनल ब्लू स्पोर्ट को बताया कि 2026 के बाद विश्व कप को 64 टीमों तक बढ़ाने की संभावना पर चर्चा की जाएगी। यह बयान 13 जुलाई 2026 को अटलांटा से जारी किया गया, जहाँ 2026 विश्व कप संयुक्त राज्य, मेक्सिको और कनाडा में 48 टीमों के साथ आयोजित हो रहा है।

पृष्ठभूमि और ऐतिहासिक संदर्भ

1998 में फीफा ने विश्व कप की टीम संख्या 24 से बढ़ाकर 32 कर दी थी, जिससे प्रतियोगिता का दायरा और आर्थिक प्रभाव दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। 2026 में 48‑टीम प्रारूप पहली बार लागू किया गया, जो कई आलोचनाओं के बावजूद कई देशों को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से अपनाया गया। इन्फैंटो का कहना है कि इस विस्तार ने “दुनिया के हर कोने से” प्रतियोगिता को अधिक प्रतिस्पर्धी बना दिया है, विशेषकर अफ्रीकी महाद्वीप से टीमों की बेहतर प्रदर्शन से।

विस्तार के संभावित लाभ

इन्फैंटो ने कहा, “हर राष्ट्र को विश्व कप में भाग लेने का सपना देखना चाहिए। छोटे देशों को अवसर मिलने से वे अपनी फुटबॉल संरचनाओं में निवेश करेंगे और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।” 48‑टीम टूनामेंट में अफ्रीका की नौ में से दस टीमों ने नॉक‑आउट चरण तक पहुंच बनाई, जो 2018 के पाँच टीमों से काफी अधिक है। 64‑टीम विस्तार से और अधिक देशों को मंच मिलेगा, जिससे फुटबॉल का विकास और राजस्व दोनों में वृद्धि की संभावना है।

लॉजिस्टिक और आर्थिक चुनौतियां

हालांकि, इन्फैंटो ने विस्तार के साथ जुड़ी “लॉजिस्टिक जटिलताओं” को भी स्वीकार किया। अधिक टीमों का अर्थ है अधिक मैच, अधिक यात्रा, और मेजबान देशों के लिए बुनियादी ढांचे में भारी निवेश। 2026 के 48‑टीम संस्करण ने 13 अरब स्विस फ़्रैंक की आय का अनुमान लगाया था, और 64‑टीम संस्करण के साथ यह आंकड़ा 17‑19 अरब स्विस फ़्रैंक तक पहुंच सकता है, लेकिन साथ ही बुकिंग, सुरक्षा, और स्टेडियम क्षमता के मुद्दे भी बढ़ेंगे।

भविष्य की दिशा

इन्फैंटो ने कहा कि भविष्य में इस प्रस्ताव पर “कमिटियों द्वारा विस्तृत अध्ययन” किया जाएगा, और संभावित मेजबान देशों के साथ “सहयोग” स्थापित किया जाएगा। 2030 का विश्व कप मोरक्को, पुर्तगाल और स्पेन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जाएगा, जबकि 2034 का टूर्नामेंट सऊदी अरब में तय है। इन अनुभवों से नई योजना बनाते समय “सभी महाद्वीपों की आवाज़” को सुनना प्राथमिकता होगी।