वर्ल्ड नंबर 1 जानिक सिन्नर ने 3 घंटे 46 मिनट की लड़ाई में एलेक्सांदर ज़्वेरेव को मात दी, 6-7(7), 7-6(2), 6-3, 6-4 से अपना दूसरा विंबलडन खिताब सुरक्षित किया। इस जीत से इटालियन खिलाड़ी ने पाँच ग्रैंड स्लैम ख़िताब और लगातार दस जीत हासिल की।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- सिन्नर ने दो सेट के बाद रिवर्स जीत कर खिताब दोहराया
- तीसरे सेट में ज़्वेरेव का घुटना मोच से सिन्नर को फायदा मिला
- सिन्नर अब चार विश्व नंबर 1 में से एक हैं जिन्होंने विंबलडन खिताब सफलतापूर्वक बचाया
लंदन के सेंटर कोर्ट पर 13 जुलाई, 2026 को चार घंटे से अधिक समय तक चलने वाला फाइनल, टेनिस प्रेमियों के लिए इतिहास बन गया। विश्व नंबर 1 जानिक सिन्नर ने एलेक्सांदर ज़्वेरेव को 6-7(7), 7-6(2), 6-3, 6-4 से हराकर अपना दूसरा विंबलडन खिताब सुरक्षित किया।
पहला सेट: ज़्वेरेव की शुरुआती बढ़त
ज़्वेरेव ने शुरुआती सेट में सिन्नर को कड़ी टक्कर दी, दोनों खिलाड़ी सर्विस में लहराते रहे और 12-गेम के बाद टाई‑ब्रेक में पहुँचे। ज़्वेरेव ने बैकहैंड से टाई‑ब्रेक जीतते हुए शुरुआती सेट जीत लिया, जिससे दर्शकों में उत्साह की लहर दौड़ गई।
दूसरा सेट: सिन्नर की पुनरागमन
पहले सेट की हार के बाद सिन्नर ने अपना खेल बदल लिया। दोबारा टाई‑ब्रेक में वह 4-0 की अग्रता बनाते हुए ज़्वेरेव को पीछे छोड़ दिया। सिन्नर की सटीक सर्व और तेज़ फोरहैंड ने उसे दूसरा सेट जीतने में मदद की, जिससे मैच 1-1 बराबर हो गया।
तीसरा सेट: मोड़ का क्षण
तीसरे सेट में ज़्वेरेव ने अपने दाहिने घुटने को चोटिल कर लिया, जिससे खेल का रुख सिन्नर के पक्ष में बदल गया। सिन्नर ने इस अवसर का फायदा उठाते हुए पहला ब्रेक हासिल किया और 6-3 से सेट जीत लिया। यह क्षण न केवल शारीरिक, बल्कि मनोवैज्ञानिक रूप से भी सिन्नर को बढ़त देता रहा।
चौथा सेट: सिन्नर का डॉमिनेंट फिनिश
अंतिम सेट में सिन्नर ने लगातार ब्रेक नहीं दिया, लेकिन अपने सर्विस गेम को मजबूत रखकर 6-4 से जीत दर्ज की। इस जीत से वह अपने करियर में पाँचवां ग्रैंड स्लैम और लगातार दस जीत की श्रृंखला जोड़ पाते हैं। साथ ही वह पीट साम्प्रास, रोज़र फेडरर और नोवाक जोकोविच के बाद चौथे विश्व नंबर 1 बनते हैं जिन्होंने विंबलडन का खिताब सफलतापूर्वक बचाया।
भविष्य की संभावनाएं
सिन्नर की यह जीत उसके युवा उम्र (24) को देखते हुए टेनिस में नई दहलीज खोलती है। फ्रेंच ओपन में हुए निराशाजनक हार के बाद वह इस मंच पर लौट आया है, जिससे यह स्पष्ट हो रहा है कि वह आने वाले वर्षों में ग्रैंड स्लैम टाइटल्स की दौड़ में प्रमुख दावेदार रहेगा। वहीं ज़्वेरेव के लिए यह चोट एक चुनौती है, लेकिन उसकी फिजिकल फिटनेस और अनुभव उसे जल्द ही फिर से शीर्ष पर लौटाएगा।