ICC ने 2027 ODI और 2028 T20 विश्व कप के फॉर्मेट में बड़ा बदलाव किया। अब ODI में सुपर 7 राउंड और T20 में सुपर 10 के साथ IPL‑स्टाइल एलिमिनेटर जोड़े जाएंगे, जिससे हर मैच की महत्ता बढ़ेगी।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • ODI वर्ल्ड कप 2027 में सुपर 7 राउंड जोड़े गए
  • T20 वर्ल्ड कप 2028 में सुपर 10 और IPL‑स्टाइल एलिमिनेटर
  • प्रत्येक मैच की महत्ता बढ़ाने और दर्शक रुचि बढ़ाने के उद्देश्य

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने अपनी दो सबसे बड़ी टूर्नामेंटों—2027 पुरुष ODI विश्व कप और 2028 पुरुष T20 विश्व कप—के लिए नया संरचनात्मक ढांचा मंजूर किया। स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग में हुई वार्षिक बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पारंपरिक समूह‑स्तर को बदलकर अधिक रोमांचक चरण जोड़े जाएंगे, जिससे शुरुआती दौर के ‘निरर्थक’ मैचों की संख्या घटेगी।

ODI विश्व कप 2027 का नया ढांचा

पहले चरण को सुपर सीरीज कहा गया है, जिसमें रैंकिंग में 12वें, 13वें और 14वें स्थान पर स्थित तीन टीमें एक-राउंड‑रॉबिन लीग खेलेंगी। इस मिनी‑लीग में केवल शीर्ष टीम ही मुख्य टूर्नामेंट में प्रवेश करेगी, जबकि बाकी दो टीमें तुरंत बाहर हो जाएंगी। इसके बाद मुख्य ड्रॉ में कुल 12 टीमें दो समूह में बाँटी जाएँगी (प्रत्येक समूह में छह टीमें) और प्रत्येक समूह से शीर्ष तीन टीमें सीधे अगले चरण में पहुँचेंगी। अतिरिक्त रूप से, दोनों समूहों की चौथी‑स्थानीय टीमों में से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली एक टीम भी क्वालिफाई करेगी, जिससे कुल सात टीमें सुपर 7 राउंड में प्रवेश करेंगी। इस चरण में सातों टीमें एक-दूसरे के खिलाफ खेलेंगी, 21 मैचों के बाद शीर्ष चार सेमी‑फाइनल में पहुँचेंगी।

T20 विश्व कप 2028 में नया फॉर्मेट

२० टीमों वाले T20 विश्व कप को भी पुनः संरचित किया गया है। अब पाँच समूह बनाए जाएँगे, प्रत्येक में चार टीमें, जिससे समूह‑स्तर के कुल मैच ४० से घटकर ३० रहेंगे। प्रत्येक समूह की शीर्ष दो टीमें अगले चरण में आगे बढ़ेंगी, जहाँ सुपर 10 राउंड आयोजित होगा। सुपर 10 में दो समूह (प्रत्येक में पाँच टीमें) बनेंगे और दोनों समूहों की शीर्ष टीमें सीधे सेमी‑फाइनल में पहुँचेंगी। शेष चार स्थानों को निर्धारित करने के लिए IPL‑स्टाइल एलिमिनेटर मैच आयोजित किए जाएंगे: समूह A की दूसरी टीम समूह B की तीसरी टीम से टकराएगी, और समूह A की तीसरी टीम समूह B की दूसरी टीम से मुकाबला करेगी। इन दो एलिमिनेटर विजेताओं को शेष दो सेमी‑फ़ाइनल स्थान मिलेंगे।

परिवर्तन के पीछे की रणनीति

ICC का कहना है कि पिछले दो दशकों के बड़े टूर्नामेंटों में कई शुरुआती‑राउंड मैचों का परिणाम टूर्नामेंट के समग्र परिणाम पर न्यूनतम प्रभाव डालता था। नया फॉर्मेट हर मैच को ‘निर्णायक’ बनाकर दर्शकों की रुचि बढ़ाने, प्रसारण मूल्य को सुदृढ़ करने और उभरती टीमों को बड़े मंच पर अधिक अवसर देने का लक्ष्य रखता है। सुपर 7 और सुपर 10 दोनों ही चरणों में कम टीमों के बीच अधिक प्रतिस्पर्धी मुलाकातें सुनिश्चित की गई हैं।

भविष्य की संभावनाएँ

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये बदलाव सफल होते हैं, तो ICC अन्य अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट—जैसे महिला विश्व कप या एशियाई खेल—में भी समान ‘हर मैच महत्त्वपूर्ण’ मॉडल अपनाने पर विचार कर सकता है। साथ ही, टॉप‑टियर क्रिकेट बोर्डों को भी अपनी घरेलू लीगों में इस प्रकार के एलिमिनेटर‑स्टाइल चरणों को लागू करने की प्रेरणा मिल सकती है।