31 वर्षीय वेटलिफ्टर मिराबाई चानू ने 48kg और 49kg दोनों वर्गों में मेडल जीतकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपना दबदबा बनाया है। कोच विजय शर्मा ने एशियन गेम्स को प्राथमिक लक्ष्य बताया और उसे चोट से बचाने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी।
मुख्य बिंदु
- मिराबाई ने 48kg और 49kg दोनों वज़न वर्गों में प्रमुख पदक जीते हैं।
- कोच विजय शर्मा एशियन गेम्स को प्राथमिक लक्ष्य बना रहे हैं, न कि कमनवेल्थ गेम्स।
- चोट से बचने के लिए प्रशिक्षण में सावधानी बरती जा रही है।
ग्लासगो में आयोजित कमनवेल्थ गेम्स में 48kg वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने वाली मिराबाई चानू ने पिछले कई वर्षों में 49kg वर्ग में स्वर्ण पदक और टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया है।
विचारपूर्वक वजन बदलते हुए वह 48kg में 2018 में स्वर्ण और 2025 में नॉर्वे के फोर्डे में रजत पदक भी जीत चुकी हैं। इस बार वह 48kg में ही नहीं, बल्कि एशियन गेम्स के लिए 49kg वर्ग में भी तैयार हो रही हैं।
कोच विजय शर्मा, जो राष्ट्रीय प्रमुख कोच भी हैं, ने बताया कि मिराबाई को एशियन गेम्स में लगातार प्रदर्शन दिखाने की रणनीति है और कमनवेल्थ गेम्स में अत्यधिक दबाव न डालने की सलाह दी गई है, ताकि चोट का जोखिम कम रहे।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that India's weightlifting medal tally could surge to double digits if top athletes like Mirabai are managed strategically, focusing on marquee events such as the Asian Games.
"वजन वर्ग में बदलाव एक कठिन प्रक्रिया है, लेकिन मिराबाई ने इसे बड़ी समझदारी से संभाला है," कहा अंतर्राष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग विशेषज्ञ डॉ. अजय सिंह ने।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या मिराबाई एशियन गेम्स में 49kg वर्ग में प्रतिस्पर्धा करेंगी?
उत्तर: हाँ, कोच ने पुष्टि की है कि उनका मुख्य लक्ष्य एशियन गेम्स में 49kg वर्ग में स्वर्ण पदक जीतना है।
प्रश्न 2: क्या कमनवेल्थ गेम्स में उनका प्रदर्शन एशियन गेम्स को प्रभावित करेगा?
उत्तर: कोच ने कहा है कि कमनवेल्थ गेम्स में अतिउत्साह से बचकर मिराबाई को चोट से बचाने के लिए सावधानी बरती जा रही है, जिससे एशियन गेम्स में उनका प्रदर्शन बेहतर रहेगा।