शाम को हुए इस शानदार जीत में पारा शॉट पुटर शर्मिला धंकर ने 9.81 मीटर की फेंक से स्वर्ण पदक जीता। हाई जंपर सर्वेश कुशारे और वेटलिफ्टर वैलुरी अजाया बाबू ने क्रमशः 2.26 मीटर और 330 किलोग्राम कुल वजन से रजत पदक हासिल किया।
मुख्य बिंदु
- शर्मिला धंकर ने महिला F57 शॉट पुट में 9.81 मीटर से स्वर्ण जिंकाया
- सर्वेश कुशारे ने हाई जंप में 2.26 मीटर से रजत पदक जीता
- वैलुरी अजाया बाबू ने कुल 330 किग्रा से वेटलिफ्टिंग में रजत पदक प्राप्त किया
दुर्लभ भारतीय खेल प्रदर्शन ने 2026 के कॉमनवेल्थ गेम्स में देश का तिरस्कार दूर कर दिया। शाम के बादशाम को पारा शॉट पुटर शर्मिला धंकर ने महिला F57 वर्ग में 9.81 मीटर की फेंक से स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि उनके साथी शिल्पा के. शायला ने 7.26 मीटर से कांस्य पदक जिंक लिया।
पुरुष हाई जंप में सर्वेश अनिल कुशारे ने 2.26 मीटर की ऊँचाई पर दूसरा स्थान सुनिश्चित किया, जिससे भारत को रजत पदक मिला। समान दिन वेटलिफ्टिंग में वैलुरी अजाया बाबू ने 79 किग्रा वर्ग में 149 किग्रा स्नैच और 181 किग्रा क्लीन एंड जर्क के साथ कुल 330 किग्रा उठाकर रजत पदक अर्जित किया, केवल 1 किग्रा कम से कम से कम स्वर्ण से चूक गए।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
शर्मिला धंकर ने 2022 बर्मिंघम CWG में चौथे स्थान पर समाप्त होते हुए राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया था। उनके लगातार सुधार ने 2025 में भारतीय ओपन में 9.77 मीटर से स्वर्ण और 2026 में दुबई के फज्जा अंतर्राष्ट्रीय पारा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 8.86 मीटर से स्वर्ण जीत कर उन्हें विश्व स्तर पर मान्यता दिलाई।
वैलुरी अजाया बाबू का उदय 2023 के खेलो इंडिया यूथ गेम्स से शुरू हुआ, जहाँ उन्होंने राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ते हुए स्वर्ण जिंक लिया। उसके बाद 2024 और 2025 में उन्होंने एशियाई और कॉमनवेल्थ स्तर पर कई पदक जीते, जिससे वह भारत के उभरते वेटलिफ्टिंग सितारे बन गए।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि इन जीतों से भारत की पारा खेलों में प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और भविष्य में अधिक निवेश एवं बुनियादी ढाँचा विकसित होगा। यह उपलब्धि न केवल खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है, बल्कि राष्ट्रीय खेल नीति में परिवर्तन की दिशा में भी संकेत देती है।
"शर्मिला की जीत यह साबित करती है कि दृढ़ संकल्प और उचित समर्थन के साथ पारा एथलीट विश्व मंच पर चमक सकते हैं," कहा अंतर्राष्ट्रीय पारा खेल विशेषज्ञ डॉ. रवीना सिंह ने।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: शर्मिला धंकर ने अपने स्वर्ण पदक के लिए कौन-सी तकनीक अपनाई?
उत्तर: उन्होंने अपने फेंक में अधिक पावर ट्रांसफर के लिए पैर की मजबूती और कोर मसल्स को बेहतर किया, जो उनकी 9.81 मीटर की फेंक में स्पष्ट था।
प्रश्न 2: वैलुरी अजाया बाबू को अगले बड़े अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट में क्या उम्मीद करनी चाहिए?
उत्तर: उनकी निरंतर प्रगति को देखते हुए, अगली एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक की संभावना उच्च है।